झारखंड

ढोल-नगाड़ों की थाप पर हुआ चैंपियन बेटियों का स्वागत, नौ साल बाद सिमडेगा ने फिर जीता नेहरू हॉकी का खिताब

32वीं राष्ट्रीय नेहरू अंडर-17 बालिका हॉकी प्रतियोगिता में झारखंड को दिलाया स्वर्ण पदक, आनंद भवन में खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों का हुआ सम्मान

सिमडेगा, 26 अक्टूबर। दिल्ली में आयोजित 32वीं राष्ट्रीय नेहरू अंडर-17 बालिका हॉकी प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर लौटीं सिमडेगा की चैंपियन बेटियों का सोमवार को शहर में भव्य स्वागत और सम्मान किया गया। हॉकी सिमडेगा की अगुवाई में आनंद भवन धर्मशाला में आयोजित अभिनंदन समारोह में खिलाड़ियों के सम्मान में खेल प्रेमियों और शहर के गणमान्य लोगों का उत्साह देखते ही बना।

आवासीय हॉकी सेंटर सिमडेगा के खेल छात्रावास से आनंद भवन तक चैंपियन खिलाड़ियों और उनके प्रशिक्षकों को ढोल-नगाड़ों की थाप पर नाचते-गाते हुए ले जाया गया। पूरे रास्ते उत्सव जैसा माहौल रहा। कार्यक्रम स्थल पहुंचने पर खिलाड़ियों पर पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। इसके बाद फूलमाला और तिरंगे के प्रतीकात्मक पट्टे के साथ खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया।

नौ साल बाद सिमडेगा की बेटियों ने दोहराया इतिहास

राष्ट्रीय नेहरू हॉकी प्रतियोगिता में झारखंड का प्रतिनिधित्व करते हुए मुख्यमंत्री उत्कृष्ट बालिका उच्च विद्यालय, सिमडेगा की टीम ने शानदार प्रदर्शन किया और खिताब अपने नाम किया। टीम ने प्रतियोगिता के सभी मुकाबलों में जीत दर्ज करते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया।

इससे पहले 2017 में भी सिमडेगा की बेटियों ने इस प्रतियोगिता में चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया था। नौ वर्षों के अंतराल के बाद एक बार फिर सिमडेगा की बेटियों ने राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीतकर जिले की हॉकी परंपरा को नई ऊंचाई दी है।

खिलाड़ियों के साथ प्रशिक्षकों और शिक्षकों का भी सम्मान

अभिनंदन समारोह में खिलाड़ियों को नियमित प्रशिक्षण देने वाली आवासीय हॉकी सेंटर सिमडेगा की प्रशिक्षक तारिणी कुमारी को भी सम्मानित किया गया। इसके अलावा जमीनी स्तर पर खिलाड़ियों को हॉकी का प्रशिक्षण देने वाली सुभीला मिंज, बिमला सोरेंग, रेणुका सोरेंग और प्रदीप बा को सम्मानित किया गया।

मुख्यमंत्री उत्कृष्ट बालिका उच्च विद्यालय, सिमडेगा की प्रबंध समिति से जुड़े पदाधिकारियों, बुद्धिजीवियों और शिक्षक साधु मालूवा को भी टीम की सफलता में योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

मनोज कोनबेगी ने बताई सिमडेगा में हॉकी विकास की कहानी

कार्यक्रम में हॉकी झारखंड के महासचिव मनोज कोनबेगी ने सिमडेगा में हॉकी के विकास की यात्रा पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि वर्ष 2010 से सिमडेगा में हॉकी के विकास को लेकर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। जिला स्तर की टीम को राष्ट्रीय नेहरू हॉकी प्रतियोगिता के लिए तैयार करने से शुरू हुआ सफर अब राष्ट्रीय चैंपियन बनने तक पहुंच गया है।

उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की मेहनत, प्रशिक्षकों का समर्पण और खेल प्रेमियों के सहयोग का परिणाम आज राष्ट्रीय स्वर्ण पदक के रूप में सामने आया है। उन्होंने कहा कि उचित मार्गदर्शन, नियमित प्रशिक्षण और अवसर मिलने पर ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों की प्रतिभाएं भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकती हैं।

खिलाड़ियों ने साझा किए जीत के अनुभव

प्रमुख व्यवसायी एवं सामाजिक कार्यकर्ता राजेश शर्मा और सामाजिक कार्यकर्ता रोहित सिंह ने भी खिलाड़ियों को बधाई दी और कहा कि जिले का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन करने वाली बेटियों को प्रोत्साहित करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

टीम की प्रशिक्षक तारिणी कुमारी ने खिलाड़ियों की मेहनत, अनुशासन और प्रतियोगिता के अनुभव साझा किए। टीम की कप्तान पुष्पा मांझी ने सफलता का श्रेय पूरी टीम की एकजुटता और प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन को दिया।

टीम की वरिष्ठ खिलाड़ी अनीशा कुल्लू ने भी अपने विचार रखते हुए कहा कि यह उपलब्धि निरंतर अभ्यास, टीम भावना और सभी के सहयोग का परिणाम है।

स्वर्ण पदक विजेता टीम में ये खिलाड़ी शामिल

राष्ट्रीय नेहरू अंडर-17 बालिका हॉकी प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतने वाली सिमडेगा की टीम में अनीशा कुल्लू, बेरटीला केरकेट्टा, पुष्पा मांझी, संदीपा कुमारी, रेजिना कुल्लू, सीमा तिर्की, निपुणता कुल्लू, सानिया तिर्की, महिमा कुल्लू, आरती कुमारी, पुनीता मांझी, सोमिया डुंगडुंग, रेशमा कुमारी और अनुप्रिया एक्का शामिल थीं।

समारोह में हॉकी झारखंड के महासचिव मनोज कोनबेगी, राजेश शर्मा, रोहित सिंह, व्यवसायी मुरारी अग्रवाल, हॉकी सिमडेगा के पैंक्रियस टोप्पो, एल्शन किड़ो, कमलेश मांझी, करिश्मा परवार, कुनूल भेंगरा, नेहा कुमारी, कुंती कुमारी, तलीन तिग्गा, टिंटस बड़ा, राजू मांझी समेत बड़ी संख्या में हॉकी प्रेमी और गणमान्य लोग मौजूद रहे। मंच संचालन कालेश्वर मांझी ने किया।

सिमडेगा की बेटियों की इस सफलता ने जिले में हॉकी की मजबूत परंपरा को एक बार फिर राष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाई है। इस उपलब्धि से जिले के उभरते खिलाड़ियों को भी आगे बढ़ने और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा साबित करने की प्रेरणा मिलेगी।


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