रांची

छात्र आंदोलन से ध्यान भटकाने के लिए MMDR पर राजनीति कर रहे कांग्रेस-झामुमो : आदित्य साहू

रांची, 1 सितंबर। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) पर छात्र आंदोलन के मुद्दे से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस-झामुमो खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक (MMDR) के मुद्दे को लेकर राजनीति कर रहे हैं और जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं।

आदित्य साहू ने मंगलवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि MMDR अधिनियम राज्यहित में है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कानून के कारण अवैध कमाई पर रोक लगने की आशंका से कांग्रेस और झामुमो परेशान हैं। उन्होंने कहा कि दोनों दल यह गलतफहमी न पालें कि MMDR के मुद्दे पर राजनीति करने से छात्रों के सवाल खत्म हो जाएंगे। भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी की CBI जांच की मांग पूरी होने तक छात्र आंदोलन जारी रहेगा।

‘भर्ती परीक्षाओं की धांधली के मास्टरमाइंड को बचाने की कोशिश’

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस-झामुमो का MMDR को लेकर आंदोलन खनिज संपदा को बचाने या खनिज नीति को लेकर वास्तविक चिंता नहीं है। उनके अनुसार, इसका उद्देश्य भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली के असली जिम्मेदार लोगों को बचाना और छात्रों के ज्वलंत मुद्दे से ध्यान भटकाना है।

साहू ने आरोप लगाया कि JPSC अध्यक्ष पद के लिए 70 करोड़ रुपये की बोली लगाए जाने की चर्चा है। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी राशि और इतनी बड़ी डील किसी जिला या राज्य स्तर के नेता अथवा संगठन के पदाधिकारी के बूते की बात नहीं हो सकती। उन्होंने सवाल उठाया कि इस पूरे मामले में ‘बड़ी मछली’ कौन है, यह सभी जानते हैं।

उन्होंने कहा कि मामले की जांच की आंच सत्ता के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचना तय है, इसलिए राज्य सरकार की बेचैनी साफ दिखाई दे रही है।

CID जांच पर भी उठाए सवाल

आदित्य साहू ने राज्य सरकार की CID जांच पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने पूछा कि सरकार की CID जांच अखबारों की सुर्खियों से आगे क्यों नहीं बढ़ पा रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कार्रवाई का दिखावा करने के लिए प्रतिदिन जांच से जुड़ी कोई न कोई जानकारी लीक करवा रही है, ताकि छात्रों के बीच यह संदेश बना रहे कि कार्रवाई जारी है। साहू ने कहा कि यदि सरकार भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी और छात्रों की मांगों को लेकर गंभीर है तो जांच का दायरा सीमित क्यों रखा गया है।

उन्होंने सवाल किया कि भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मामलों में स्पष्ट समयसीमा, पारदर्शी जांच और ठोस कार्रवाई क्यों नजर नहीं आ रही है। साथ ही उन्होंने पूछा कि CID की जांच बड़ी मछली तक क्यों नहीं पहुंच रही है।

‘छात्र रोजगार और पारदर्शी भर्ती मांग रहे’

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राज्यभर के छात्र और युवा लगातार भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, समयबद्ध नियुक्ति और अपने भविष्य को लेकर सवाल उठा रहे हैं। इसके बावजूद राज्य सरकार इन मूल सवालों से बचने का प्रयास कर रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष छात्र आंदोलन की दिशा बदलने की कोशिश कर रहा है। साहू ने कहा कि छात्रों के भविष्य का सवाल सरकार की जवाबदेही से जुड़ा है और सरकार अपनी जिम्मेदारी से भागने का प्रयास कर रही है।

‘पहले छात्रों के सवालों का जवाब दे सरकार’

आदित्य साहू ने कहा कि MMDR पर बेवजह राजनीति करने के बजाय सरकार को छात्रों की भर्ती परीक्षाओं की CBI जांच सहित अन्य मांगों को पूरा करना चाहिए।

उन्होंने कांग्रेस और झामुमो से कहा कि वे पहले छात्रों के सवालों का जवाब दें और उसके बाद MMDR के मुद्दे पर राजनीति करें।

उन्होंने कहा कि यह विडंबना है कि छात्र रोजगार और पारदर्शी भर्ती की मांग कर रहे हैं, जबकि कांग्रेस-झामुमो की राजनीति उन्हें खनिज कानून के मुद्दे की ओर मोड़ने का प्रयास कर रही है।

‘छात्रों की लड़ाई में भाजपा मजबूती से खड़ी’

साहू ने कहा कि भर्ती और परीक्षा व्यवस्था पर जवाब देने से बचने के लिए सत्ता पक्ष नए राजनीतिक मुद्दे तलाश रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा नौकरी और छात्रों के भविष्य से जुड़े सवालों पर सरकार को जवाबदेह बनाएगी।

उन्होंने कहा, “भाजपा छात्रों को न्याय दिलाने की इस लड़ाई में पहले भी साथ खड़ी थी और आगे भी मजबूती से खड़ी रहेगी।” उन्होंने दावा किया कि भाजपा इस आंदोलन को उसके अंतिम मुकाम तक पहुंचाने के लिए प्रयास जारी रखेगी।

आदित्य साहू ने राज्य सरकार से यह भी पूछा कि भर्ती व्यवस्था में सुधार को लेकर किए गए वादों पर अब तक कितनी प्रगति हुई है और सरकार ने इसे लेकर कौन-कौन से ठोस कदम उठाए हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *