रनिया में जंगली हाथियों का आतंक, आधा दर्जन किसानों की धान की फसल रौंदी
खूंटी, 1 सितंबर। खूंटी जिले के रनिया प्रखंड क्षेत्र में जंगली हाथियों का आतंक एक बार फिर किसानों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है। सोमवार रात जयपुर गांव के आसपास जंगली हाथियों के झुंड ने खेतों में घुसकर जमकर उत्पात मचाया। हाथियों ने करीब आधा दर्जन किसानों के खेतों में लगी धान की फसल को रौंदकर बर्बाद कर दिया। इससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
महीनों की मेहनत कुछ घंटों में बर्बाद
पीड़ित किसानों ने बताया कि धान की फसल उनके लिए केवल खेत में खड़ी फसल नहीं, बल्कि पूरे परिवार की सालभर की उम्मीद होती है। बारिश के मौसम में दिन-रात मेहनत कर खेत तैयार करने के बाद धान की रोपाई की गई थी। फसल अब धीरे-धीरे तैयार हो रही थी और किसानों को अच्छी पैदावार की उम्मीद थी।
किसानों के मुताबिक, उन्हें उम्मीद थी कि धान की अच्छी पैदावार से परिवार की आर्थिक जरूरतें पूरी होंगी। लेकिन सोमवार रात हाथियों के झुंड ने खेतों में पहुंचकर उनकी महीनों की मेहनत को कुछ ही समय में बर्बाद कर दिया।
हाथियों के आने से ग्रामीणों में दहशत
हाथियों के गांव और खेतों के आसपास पहुंचने की सूचना से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। लोगों को अपनी जान-माल के साथ-साथ खेतों में बची फसल की भी चिंता सताने लगी है। ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों का झुंड लगातार क्षेत्र में घूम रहा है, जिससे आने वाले दिनों में और अधिक फसल नुकसान की आशंका बनी हुई है।
ग्रामीण रात के समय घरों से बाहर निकलने से भी डर रहे हैं। हाथियों के अचानक गांव या खेतों में पहुंचने के कारण किसी अप्रिय घटना की आशंका से लोग चिंतित हैं।
वन विभाग से मुआवजे की मांग
धान की फसल को हुए नुकसान के बाद प्रभावित किसानों ने वन विभाग के कर्मियों को इसकी जानकारी दी है। किसानों ने मांग की है कि विभाग की टीम जल्द खेतों का निरीक्षण कर फसल नुकसान का आकलन करे और नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध कराए।
किसानों का कहना है कि खेती ही उनकी आजीविका का मुख्य साधन है। फसल बर्बाद होने से उन्हें दोहरा नुकसान उठाना पड़ता है। एक तरफ महीनों की मेहनत बेकार हो जाती है, वहीं दूसरी ओर परिवार की रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करना भी मुश्किल हो जाता है।
हाथियों के आतंक से स्थायी राहत की मांग
ग्रामीणों ने वन विभाग से जंगली हाथियों के आतंक से स्थायी राहत दिलाने की मांग की है। ग्रामीणों के अनुसार, रनिया प्रखंड में जंगली हाथियों का गांवों और खेतों में पहुंचना कोई नई समस्या नहीं है। आए दिन हाथियों के झुंड के विचरण से किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचता है।
ग्रामीणों ने विभाग से हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखने, संवेदनशील गांवों में निगरानी बढ़ाने और समय रहते हाथियों की मौजूदगी की सूचना ग्रामीणों तक पहुंचाने की व्यवस्था करने की मांग की है। उनका कहना है कि समय पर सूचना मिलने से ग्रामीण सतर्क हो सकते हैं और जान-माल के नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकता है।
