चाईबासा में उत्पाद विभाग की कार्रवाई, 22 लीटर चुलाई शराब के साथ दो गिरफ्तार

Chaibasa : चाईबासा जिले में अवैध शराब के कारोबार पर लगाम लगाने के लिए उत्पाद विभाग लगातार कार्रवाई कर रहा है। जिले के डीसी और अधीक्षक उत्पाद के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत गुवा और नोवामुंडी थाना क्षेत्र में छापेमारी की गई। इस दौरान 22 लीटर अवैध चुदाई शराब बरामद की गई और दो लोगों को गिरफ्तार किया गया। उत्पाद निरीक्षक निर्भय कुमार सिन्हा ने बताया कि विभाग को सूचना मिली थी कि गुवा थाना क्षेत्र के बड़ा जामुदा गांव में अवैध चुदाई शराब की बिक्री की जा रही है। सूचना मिलते ही उत्पाद विभाग की टीम ने घेराबंदी तरीके से छापेमारी की। छापेमारी के दौरान एक व्यक्ति को अवैध शराब बेचते हुए रंगेहाथ पकड़ा गया। मौके से शराब भी बरामद की गई।
नोवामुंडी में भी हुई कार्रवाई
विभाग की दूसरी टीम ने नोवामुंडी थाना क्षेत्र के कोल्हानहाटी गांव में छापेमारी की। यहां भी अवैध चुलाई शराब बेचने की सूचना मिली थी। जांच के दौरान एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया। दोनों जगहों पर हुई कार्रवाई में कुल 22 लीटर अवैध चुलाई शराब बरामद की गई। उत्पाद विभाग ने बरामद शराब को जब्त कर लिया है और आरोपियों के खिलाफ उत्पाद अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
अवैध शराब कारोबारियों में मचा हड़कंप
लगातार हो रही छापेमारी से अवैध शराब का धंधा करने वालों में हड़कंप मचा हुआ है। विभाग का कहना है कि जिले में कहीं भी अवैध शराब के निर्माण, भंडारण या बिक्री की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई से अवैध शराब कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा। अवैध शराब के खिलाफ अभियान के साथ-साथ विभाग लाइसेंसी शराब दुकानों की भी नियमित जांच कर रहा है। इसी क्रम में नोवामुंडी स्थित कंपोजिट शराब दुकान का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने दुकान के संचालन, स्टॉक और बिक्री व्यवस्था की जांच की। साथ ही संचालकों को सरकार द्वारा तय नियमों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया गया।
एमआरपी से अधिक कीमत वसूलने पर होगी कार्रवाई
उत्पाद विभाग ने लाइसेंसी दुकानदारों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि शराब की बिक्री केवल निर्धारित अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) पर ही की जाए। यदि किसी दुकान में तय कीमत से अधिक राशि वसूलने की शिकायत मिलती है तो संबंधित संचालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उत्पाद विभाग का कहना है कि जिले में अवैध शराब के सिंडिकेट को खत्म करने और सरकारी राजस्व को नुकसान से बचाने के लिए यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। विभाग ने आम लोगों से भी अपील की है कि अवैध शराब के निर्माण या बिक्री की जानकारी मिलने पर तुरंत प्रशासन को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
