नारी शक्ति वंदन अधिनियम का महिला उद्यमियों ने किया स्वागत
33% आरक्षण से बढ़ेगी भागीदारी, सामाजिक-आर्थिक विकास को मिलेगी नई दिशा
रांची: रांची में फेडरेशन ऑफ झारखण्ड चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की महिला उद्यमियों ने भारत सरकार के नारी शक्ति वंदन अधिनियम का जोरदार स्वागत किया। चैम्बर भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में महिला सशक्तिकरण, संसद एवं विधानसभा में महिलाओं के लिए प्रस्तावित आरक्षण और इसके सामाजिक-आर्थिक प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की गई।
प्रेस वार्ता में आस्था किरण, विनीता सिंघानिया, पूनम आनंद, सीए मनीषा बियानी, सीए श्रद्धा बागला, सीए साक्षी जैन, साहित्यकार पुष्पा सहाय, डॉ. सुमन दुबे, डॉ. रजनी चंदा शर्मा, आर्टिस्ट गार्गी मलकानी, अधिवक्ता डॉ. लावण्या मित्तल एवं मालती कुजूर सहित कई महिला उद्यमियों ने अपने विचार साझा किए।
पूनम आनंद ने कहा कि संसद में प्रस्तावित यह विधेयक महिलाओं को उचित प्रतिनिधित्व देने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे महिलाओं की भागीदारी को नई दिशा मिलेगी।
सीए मनीषा बियानी ने इसे परिवर्तनकारी पहल बताते हुए कहा कि लंबे समय से प्रतीक्षित इस कदम से महिलाओं को वास्तविक सशक्तिकरण मिलेगा और राजनीतिक व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव आएगा। वहीं डॉ. सुमन दुबे ने इसे समावेशी विधेयक बताते हुए कहा कि देश को विश्व शक्ति बनाने में महिलाओं की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है।
सीए श्रद्धा बागला ने कहा कि 33 प्रतिशत आरक्षण से महिलाओं को स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छता जैसे मुद्दों पर प्रभावी भूमिका निभाने का अवसर मिलेगा। वहीं सीए साक्षी जैन ने विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने में इस अधिनियम को महत्वपूर्ण बताया।
कार्यकारिणी सदस्य विनीता सिंघानिया और आस्था किरण ने भी इस पहल को महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए विश्वास जताया कि इससे समाज में सकारात्मक परिवर्तन आएगा।
कार्यक्रम के अंत में सभी महिला उद्यमियों ने एक स्वर में इस विधेयक का स्वागत करते हुए कहा कि इसके लागू होने से देश में महिला सशक्तिकरण को नई गति मिलेगी और सामाजिक-आर्थिक विकास को मजबूती मिलेगी।
