झारखंड नगर निकाय चुनाव में शाम पांच बजे तक 61.84 प्रतिशत मतदान

शांतिपूर्ण माहौल में बढ़ती रही वोटिंग, कई जिलों में दिखा उत्साह
रांची, 23 फरवरी : झारखंड में नगर निकाय चुनाव के तहत सोमवार को जारी मतदान के दौरान मतदाताओं का उत्साह लगातार बढ़ता रहा। शाम पांच बजे तक राज्यभर में 61.84 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया। दिन चढ़ने के साथ मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की कतारें लंबी होती गईं और कई जिलों में उम्मीद से बेहतर मतदान प्रतिशत देखने को मिला।
झारखंड राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव राधेश्याम प्रसाद ने जानकारी देते हुए बताया कि सुबह 7:00 बजे से मतदान प्रक्रिया शुरू हुई, जो निर्धारित समय तक शांतिपूर्वक जारी रही। शाम पांच बजे तक प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार लगभग 61.84 प्रतिशत मतदान रिकॉर्ड किया गया है। उन्होंने कहा कि विभिन्न जिलों से मिली सूचनाओं के अनुसार मतदान पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो रहा है और कहीं से किसी बड़ी अप्रिय घटना की खबर नहीं है।
राजधानी रांची सहित अन्य नगर निकाय क्षेत्रों में सुबह के समय मतदान की रफ्तार थोड़ी धीमी रही, लेकिन दोपहर बाद मतदाताओं की संख्या में तेजी आई। महिलाओं और बुजुर्ग मतदाताओं की भी अच्छी भागीदारी देखी गई। कई स्थानों पर पहली बार मतदान करने पहुंचे युवा मतदाताओं में विशेष उत्साह नजर आया।
मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती के साथ-साथ संवेदनशील और अति संवेदनशील बूथों पर अतिरिक्त निगरानी रखी गई। निर्वाचन आयोग की ओर से वेबकास्टिंग और निगरानी टीमों के माध्यम से भी स्थिति पर नजर रखी गई, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष बनी रहे।
नगर निकाय चुनाव को स्थानीय विकास की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण चुनाव माना जा रहा है। शहरों में सड़क, नाली, जलापूर्ति, स्ट्रीट लाइट, सफाई व्यवस्था और होल्डिंग टैक्स जैसे मुद्दे इस बार चुनावी चर्चा के केंद्र में रहे। प्रत्याशियों ने घर-घर संपर्क, नुक्कड़ सभाओं और जनसंपर्क अभियानों के जरिए मतदाताओं को अपने पक्ष में करने का प्रयास किया।
राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं से लोकतंत्र के इस पर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की थी। मतदान प्रतिशत में हुई बढ़ोतरी को इसी अपील का सकारात्मक परिणाम माना जा रहा है।
अब सभी की निगाहें अंतिम मतदान प्रतिशत और मतगणना की तारीख पर टिकी हैं। नगर निकाय चुनाव के नतीजे आने वाले दिनों में राज्य की शहरी राजनीति की दिशा तय करेंगे और स्थानीय प्रशासन की नई तस्वीर सामने लाएंगे।
