राज्य में हर स्तर पर घूसखोरी का आरोप : बाबूलाल मरांडी ने सरकार पर साधा निशाना

रांची : नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली झारखंड सरकार पर घूसखोरी को बढ़ावा देने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) के माध्यम से कहा कि राज्य में घूसखोरी अब आम बात हो गई है और यह मुख्यमंत्री कार्यालय से लेकर सचिवालय, जिला, अनुमंडल एवं प्रखंड कार्यालयों तक फैली हुई है।
बाबूलाल मरांडी ने बोकारो जिले के चंदनक्यारी प्रखंड का उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि वहां एक दुधमुंहे बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए भी सरकारी कर्मचारियों द्वारा अवैध राशि की मांग की गई। उन्होंने कहा कि सभी आवश्यक दस्तावेज और औपचारिकताएं पूरी करने के बावजूद कर्मचारियों ने फाइल ढूंढ़ने और हस्ताक्षर कराने के नाम पर बार-बार घूस मांगी।
मरांडी ने सवाल उठाया कि क्या पंजीयन कार्यालय के कर्मचारियों को मिलने वाला वेतन पर्याप्त नहीं है, जो उन्हें अपने वैधानिक दायित्वों का निर्वहन बिना घूस लिए करने से रोक रहा है। उन्होंने इसे प्रशासनिक तंत्र की विफलता करार दिया।
नेता प्रतिपक्ष ने बोकारो के उपायुक्त से मामले का तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है। उन्होंने दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और बिना किसी देरी के संबंधित जन्म प्रमाण पत्र जारी कराने का आग्रह किया।
बाबूलाल मरांडी ने तीखा तंज कसते हुए कहा कि यदि प्रशासन को इसी तरह की निर्लज्जता दिखानी है, तो बेहतर होगा कि सरकारी कार्यालयों में घूस की दरें सार्वजनिक रूप से घोषित कर दी जाएं, ताकि आम नागरिकों को बार-बार अपमानित न होना पड़े।
उन्होंने कहा कि राज्य की जनता पहले से ही समस्याओं से जूझ रही है और ऐसे में सरकारी दफ्तरों में व्याप्त भ्रष्टाचार आम लोगों के लिए अतिरिक्त बोझ बनता जा रहा है।
