16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम, लोकतंत्र की मजबूती का लिया संकल्प

रांची। 16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस 2026 के अवसर पर रविवार को राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन रांची के आर्यभट्ट सभागार में किया गया। इस मौके पर राज्य निर्वाचन आयुक्त अलका तिवारी ने सभी राज्यवासियों को राष्ट्रीय मतदाता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि लोकतंत्र का आधार मतदाता है और इसकी मजबूती के लिए मतदाताओं का जागरूक व सतर्क होना आवश्यक है।
राज्य निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि इस वर्ष राष्ट्रीय मतदाता दिवस की थीम “My India My Vote” और टैगलाइन “Indian Citizen at the Heart of Indian Democracy” है। उन्होंने सभी पात्र नागरिकों से मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने और अपने मताधिकार का प्रयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि झारखंड में मतदाता सूची का अद्यतनीकरण एक सतत प्रक्रिया है। इसके तहत राज्य में 2886 इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब (ELC), प्रत्येक मतदान केंद्र पर चुनाव पाठशाला तथा 966 वोटर अवेयरनेस फोरम के माध्यम से मतदाता जागरूकता बढ़ाई जा रही है।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने कहा कि लोकतंत्र में मतदान के लिए मतदाता सूची में नाम होना अनिवार्य है। उन्होंने मतदाताओं से बीएलओ या वोटर हेल्पलाइन ऐप के जरिए अपनी जानकारी अपडेट कराने की अपील की। उन्होंने बताया कि गहन पुनरीक्षण अभियान के दौरान बीएलओ घर-घर जाकर मतदाता सत्यापन करेंगे और मकानों पर बीएलओ का नंबर व मकान संख्या अंकित स्टीकर लगाएंगे।
कार्यक्रम में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का राष्ट्रीय मतदाता दिवस संदेश भी प्रदर्शित किया गया। समापन भाषण उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने दिया, जबकि संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुबोध कुमार ने मतदाता शपथ दिलाई।
इस अवसर पर वरिष्ठ, युवा और ट्रांसजेंडर मतदाताओं को सम्मानित किया गया। वरिष्ठ मतदाता के रूप में समदुलारी देवी, गीता मित्रा और एनीमुल्लाह, युवा मतदाताओं में अर्चित कुमार गोयल, सौरभ कुमार, अनुष्का गुप्ता, नेहा कुमारी और करण कुमार साहू तथा ट्रांसजेंडर मतदाता के रूप में नगमा रानी और गुड्डू सिंह को सम्मानित किया गया। साथ ही वर्ष 2025 में उत्कृष्ट कार्यों के लिए विभिन्न जिला एवं उप निर्वाचन पदाधिकारियों को भी सम्मान दिया गया।
कार्यक्रम में चुनाव अधिकारी, एनएसएस कैडेट, युवा, वरिष्ठ, दिव्यांग और ट्रांसजेंडर मतदाता सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।
