राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा पर ग्राम चट्टी में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, निकाली गई कलश यात्रा
खूंटी, 31 जनवरी। खूंटी जिले के ग्राम चट्टी में शनिवार को राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के पावन अवसर पर श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस शुभ अवसर पर मंदिर परिसर से भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पूरा गांव जय श्री राम के जयघोष और राम नाम के संकीर्तन से भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा।
प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान के लिए वाराणसी (बनारस) से आए विद्वान आचार्यों की उपस्थिति में वैदिक विधि-विधान के अनुसार पूजा-अर्चना संपन्न कराई गई। मंदिर में मुख्य पूजा पंडित मदन गोस्वामी द्वारा विधिपूर्वक कराई गई। आचार्यों के मंत्रोच्चारण से मंदिर परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण हो उठा।
कलश यात्रा राम मंदिर परिसर से प्रारंभ होकर तजना नदी तक निकाली गई। यात्रा के दौरान श्रद्धालु भक्ति भाव से जय श्री राम के उद्घोष करते हुए और राम नाम का जप करते हुए नदी तट तक पहुंचे। वहां विधिविधान से पूजा-अर्चना कर पवित्र कलश में जल भरा गया। इसके पश्चात श्रद्धालु कलश लेकर पुनः मंदिर प्रांगण पहुंचे, जहां उन्हें विधिवत रूप से स्थापित किया गया।
मंदिर परिसर में दिनभर अखंड पूजा-अर्चना का आयोजन चलता रहा। शाम के समय अखंड कीर्तन का शुभारंभ किया गया, जिसमें शामिल होकर श्रद्धालु भजन-कीर्तन के माध्यम से प्रभु श्रीराम की आराधना करते नजर आए। भक्ति संगीत से पूरा क्षेत्र राममय हो गया और श्रद्धालु भाव-विभोर दिखाई दिए।
राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के अंतर्गत 3 फरवरी को रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इसमें स्थानीय कलाकार अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से आयोजन की भव्यता को और बढ़ाएंगे।
इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष काशीनाथ महतो ने मंदिर में दर्शन कर भगवान श्रीराम से क्षेत्रवासियों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा ग्राम चट्टी के लिए गौरव का विषय है और इससे सामाजिक एकता एवं आध्यात्मिक चेतना को मजबूती मिलेगी।
राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा को लेकर पूरे ग्राम चट्टी में उत्सव जैसा माहौल बना हुआ है। श्रद्धालुओं में अपार उत्साह देखा जा रहा है। आयोजन को सफल बनाने में ग्राम चट्टी के सभी ग्रामीणों का सराहनीय योगदान रहा। ग्रामीणों ने तन, मन और धन से सहयोग कर आयोजन को भव्य स्वरूप दिया।
