विश्व रिकॉर्ड विजेता नन्हे तैराक इशांक सिंह का ‘रिलेशंस’ ने किया सम्मान
निदेशक आशुतोष द्विवेदी ने घर पहुंचकर दी बधाई, कहा — “इशांक पूरे झारखंड का गौरव”
राँची: भारत और श्रीलंका के बीच स्थित दुर्गम पाल्क स्ट्रेट को पार कर विश्व रिकॉर्ड स्थापित करने वाले सात वर्षीय प्रतिभाशाली तैराक इशांक सिंह की ऐतिहासिक उपलब्धि पर पूरे राँची शहर में गर्व और खुशी का माहौल है। इसी क्रम में शहर की सामाजिक संस्था रिलेशंस के निदेशक आशुतोष द्विवेदी ने हवाई नगर स्थित इशांक के आवास पहुंचकर उन्हें सम्मानित किया और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं।
सम्मान समारोह के दौरान आशुतोष द्विवेदी ने इशांक सिंह को पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र भेंट कर उनकी असाधारण उपलब्धि की सराहना की। उन्होंने कहा कि इतनी छोटी उम्र में समुद्र जैसी कठिन चुनौती को पार करना अद्भुत साहस, अनुशासन और कड़ी मेहनत का परिणाम है। इशांक ने अपनी प्रतिभा से न केवल राँची बल्कि पूरे झारखंड और देश का नाम रोशन किया है।
उन्होंने कहा कि आज के समय में बच्चे मोबाइल और टीवी की दुनिया में अधिक व्यस्त रहते हैं, ऐसे में इशांक सिंह का यह समर्पण अन्य बच्चों के लिए भी बड़ी प्रेरणा है। उनका यह विश्व रिकॉर्ड आने वाली पीढ़ियों को खेल और साहस के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा देगा।
इस अवसर पर इशांक की माता मनीषा सिन्हा एवं पिता सुनील कुमार भी उपस्थित रहे। आशुतोष द्विवेदी ने दोनों अभिभावकों को बधाई देते हुए कहा कि किसी भी बच्चे की सफलता के पीछे उसके माता-पिता का त्याग, सहयोग और सही मार्गदर्शन सबसे बड़ी भूमिका निभाता है।
गौरतलब है कि इशांक सिंह ने 30 अप्रैल 2026 को लगभग 9 घंटे 50 मिनट तक लगातार समुद्र की तेज लहरों से संघर्ष करते हुए भारत और श्रीलंका के बीच स्थित पाल्क स्ट्रेट को सफलतापूर्वक पार कर विश्व रिकॉर्ड बनाया। इस उपलब्धि के बाद उन्हें देशभर से लगातार सम्मान और शुभकामनाएँ मिल रही हैं।
कार्यक्रम के अंत में संस्था ‘रिलेशंस’ की ओर से आशुतोष द्विवेदी ने कहा कि भविष्य में भी इशांक सिंह को हर संभव सहयोग और प्रोत्साहन दिया जाएगा, ताकि वह आने वाले अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी भारत का तिरंगा ऊँचा लहराते रहें।
