राष्ट्रीय एकता के शिल्पी भारत रत्न लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल को श्रद्धांजलि
पटेल बी.एड. कॉलेज, रांची का 13वां स्थापना दिवस उत्साह और गरिमा के साथ सम्पन्न
रांची, 31 अक्तूबर 2025 : पटेल बी.एड. कॉलेज, लोधमा (खूंटी) में शुक्रवार को राष्ट्रीय एकता दिवस एवं भारत रत्न लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में संगोष्ठी सह श्रद्धांजलि सभा का आयोजन हर्षोल्लास एवं श्रद्धा के साथ किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और सरदार पटेल के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। उद्घाटन क्षण में पूरा परिसर “वंदे मातरम्” और “भारत माता की जय” के नारों से गूंज उठा। इस अवसर पर कॉलेज का 13वां स्थापना दिवस भी मनाया गया, जिससे कार्यक्रम की गरिमा और बढ़ गई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. जंग बहादुर पांडेय (रांची) थे, जबकि अध्यक्षता डॉ. वासुदेव प्रसाद (रांची) ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. ओम प्रकाश (राजकीय शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय, कांके, रांची) उपस्थित रहे और उन्होंने अपने प्रेरक विचार साझा किए।
कॉलेज की प्राचार्या डॉ. अनुराधा कुमारी ने स्वागत भाषण में कहा —
“सरदार पटेल केवल स्वतंत्र भारत के प्रथम गृह मंत्री ही नहीं, बल्कि देश की अखंडता के वास्तुकार थे।”
श्रद्धांजलि निवेदन डॉ. संगीता कुमारी (सचिव) ने किया। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल का जीवन सच्चे राष्ट्रसेवक और समर्पित कर्मयोगी की मिसाल है।
कार्यक्रम का संचालन आशीष सिंह ने प्रभावपूर्ण ढंग से किया, जबकि नीरज सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
वक्ताओं ने अपने संबोधन में सरदार पटेल के अदम्य साहस, दृढ़ इच्छाशक्ति और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। कहा गया कि उन्होंने 562 रियासतों को एक सूत्र में पिरोकर एक भारत का सपना साकार किया, जो आज भी राष्ट्रीय एकता का आधारस्तंभ है।
कार्यक्रम का समापन समवेत राष्ट्रगान के साथ हुआ। इस दौरान शिक्षकगण, छात्र-छात्राएँ और अतिथिगण राष्ट्रगौरव की भावना से ओतप्रोत दिखाई दिए। कॉलेज परिवार की सहभागिता, अनुशासन और देशभक्ति की भावना सराहनीय रही।
कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल के आदर्श और उनकी एकता की भावना आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं, जितनी स्वतंत्रता के समय थीं।
