खूंटी में आवासीय क्रीड़ा प्रशिक्षण केंद्रों के लिए ट्रायल, हॉकी-फुटबॉल में खिलाड़ियों ने दिखाई प्रतिभा
खूंटी, 29 अप्रैल । खेलकूद और युवाकार्य निदेशालय, रांची के निर्देश पर खूंटी जिले में प्रस्तावित आवासीय क्रीड़ा प्रशिक्षण केंद्रों के लिए चयन प्रक्रिया तेज हो गई है। हॉकी (बालिका), फुटबॉल (बालक) और एथलेटिक्स (बालक) के लिए आयोजित राज्य स्तरीय ट्रायल में बड़ी संख्या में खिलाड़ियों ने भाग लेकर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। खिलाड़ियों में उत्साह देखने लायक था और चयन प्रक्रिया को लेकर खेल प्रेमियों में भी काफी उत्सुकता रही।
बिरसा मुंडा हॉकी एस्ट्रोटर्फ स्टेडियम और बिरसा मुंडा फुटबॉल स्टेडियम में 27 से 29 अप्रैल तक आयोजित होने वाले ट्रायल की शुरुआत की गई। 27 अप्रैल को बालिका हॉकी ट्रायल में लगभग 300 खिलाड़ियों ने भाग लिया। इसमें खूंटी, सिमडेगा, गुमला, रांची और लातेहार जिले की खिलाड़ी प्रमुख रूप से शामिल रहीं। खिलाड़ियों का चयन कौशल परीक्षणों के आधार पर किया जा रहा है, ताकि प्रशिक्षण केंद्र के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाओं को चुना जा सके।
28 अप्रैल को आयोजित बालक फुटबॉल ट्रायल में करीब 200 खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। खिलाड़ियों ने फिटनेस, तकनीकी कौशल और खेल क्षमता के आधार पर चयनकर्ताओं को प्रभावित करने का प्रयास किया। वहीं 29 अप्रैल को आयोजित एथलेटिक्स ट्रायल में अपेक्षाकृत कम उपस्थिति दर्ज की गई।
एथलेटिक्स ट्रायल में कम संख्या में खिलाड़ियों की भागीदारी को देखते हुए जिला खेल पदाधिकारी राजेश कुमार चौधरी के निर्देश पर पुनः ट्रायल आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। अब एथलेटिक्स के लिए दोबारा ट्रायल 02 मई को आयोजित किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक खिलाड़ियों को अवसर मिल सके।
चयन प्रक्रिया में पूर्व ओलंपियन मनोहर तोपनो, अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी सावित्री पूर्ति, हॉकी प्रशिक्षक लालमिंगकिमी खियांते और बिबियानी कोंगाड़ी, फुटबॉल प्रशिक्षक सोनाराम चंपिया तथा एथलेटिक्स प्रशिक्षक आलोक कुमार सिंह की उपस्थिति रही। अनुभवी प्रशिक्षकों और विशेषज्ञों की देखरेख में पूरी चयन प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से संपन्न कराई जा रही है।
आयोजन को सफल बनाने में प्रशिक्षकों, कार्यालय कर्मियों और खेल समन्वयकों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। अधिकारियों ने बताया कि तीनों आवासीय क्रीड़ा प्रशिक्षण केंद्रों में 25-25 खिलाड़ियों का चयन किया जाएगा।
चयनित खिलाड़ियों को सरकार की ओर से आवास, भोजन, शिक्षा, खेल उपकरण, आधुनिक जिम और अन्य आवश्यक सुविधाएं पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे खिलाड़ियों के समग्र विकास को बढ़ावा मिलेगा और वे भविष्य में राज्य तथा राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे। अधिकारियों का मानना है कि यह पहल ग्रामीण और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण साबित होगी।
