झारखंड के तीन विश्वविद्यालयों को मिले नए कुलपति, अधिसूचना जारी

Ranchi : झारखंड के तीन प्रमुख विश्वविद्यालयों में नए कुलपतियों की नियुक्ति कर दी गई है। इस संबंध में राजभवन की ओर से अधिसूचना जारी कर दी गई है। नई नियुक्तियों के बाद विश्वविद्यालयों में प्रशासनिक और शैक्षणिक गतिविधियों को और बेहतर बनाने की उम्मीद जताई जा रही है। जारी आदेश के अनुसार, अलग अलग विश्वविद्यालयों के लिए शिक्षाविदों को कुलपति पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ये सभी शिक्षाविद देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में लंबे समय से शिक्षण और प्रशासनिक अनुभव रखते हैं।
DSPMU रांची के कुलपति बने प्रो. राजीव मनोहर
राजभवन की अधिसूचना के मुताबिक प्रो. राजीव मनोहर को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय, रांची का नया कुलपति नियुक्त किया गया है। फिलहाल वह लखनऊ विश्वविद्यालय में प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं। शिक्षा और शोध के क्षेत्र में उनका लंबा अनुभव रहा है। विश्वविद्यालय से जुड़े लोग उम्मीद कर रहे हैं कि उनके नेतृत्व में संस्थान में शैक्षणिक गतिविधियों को नई दिशा मिलेगी।
जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय की कमान डॉ. एला कुमार को
जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय के कुलपति पद की जिम्मेदारी डॉ. एला कुमार को दी गई है। वह इस समय इंदिरा गांधी दिल्ली टेक्निकल यूनिवर्सिटी फॉर वीमेन, दिल्ली में प्रोफेसर के रूप में कार्य कर रही हैं। तकनीकी शिक्षा और महिला शिक्षा के क्षेत्र में उनका अनुभव काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। उनकी नियुक्ति से विश्वविद्यालय में नए शैक्षणिक कार्यक्रमों और शोध कार्यों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
JSOU रांची के कुलपति बने अभय कुमार सिंह
इसके अलावा अभय कुमार सिंह को झारखंड राज्य मुक्त विश्वविद्यालय, रांची का कुलपति नियुक्त किया गया है। वह अभी नालंदा विश्वविद्यालय, राजगीर (बिहार) में प्रोफेसर और डीन के पद पर कार्यरत हैं। ओपन और डिस्टेंस लर्निंग के क्षेत्र में उनके अनुभव को देखते हुए उन्हें यह जिम्मेदारी दी गई है।
तीन साल का होगा कार्यकाल
अधिसूचना के अनुसार तीनों कुलपति पदभार ग्रहण करने की तिथि से अधिकतम तीन वर्ष तक अपने पद पर बने रहेंगे। हालांकि उनका कार्यकाल कुलाधिपति की इच्छा के अनुसार भी तय किया जा सकता है।
विजिलेंस क्लीयरेंस जरूरी
राजभवन की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि इन नियुक्तियों के लिए संबंधित संस्थानों से विजिलेंस क्लीयरेंस प्राप्त होना अनिवार्य होगा। क्लीयरेंस मिलने के बाद ही तीनों कुलपति औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण कर सकेंगे।
