देश को मिली पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन, पीएम मोदी ने मालदा से दिखाई हरी झंडी

नई दिल्ली/मालदा, 17 जनवरी। भारतीय रेलवे ने देश को एक और ऐतिहासिक सौगात दी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल के मालदा से देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह अत्याधुनिक ट्रेन कोलकाता (हावड़ा) से गुवाहाटी (कामाख्या) के बीच चलेगी और यात्रियों को तेज, सुरक्षित और आरामदायक रात्री सफर का नया अनुभव प्रदान करेगी।
यह वंदे भारत स्लीपर ट्रेन 958 किलोमीटर की दूरी मात्र 14 घंटे में तय करेगी, जबकि अभी इस रूट पर यात्रा में लगभग 17 घंटे का समय लगता है। इससे न केवल यात्रियों का समय बचेगा, बल्कि पूर्वोत्तर भारत की कनेक्टिविटी को भी नई मजबूती मिलेगी।
लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने ट्रेन के अंदर जाकर यात्रियों, बच्चों और छात्रों से संवाद किया। बच्चों ने कविताएं सुनाईं और अपने अनुभव साझा किए। प्रधानमंत्री ने उन्हें प्रोत्साहित करते हुए ऑटोग्राफ दिए और जीवन से जुड़े अनुभव साझा किए। इसके साथ ही उन्होंने ट्रेन के चालक और रेलवे स्टाफ से भी बातचीत कर उनकी भूमिका की सराहना की।
स्टेशन परिसर में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। हाथों में तिरंगा लिए लोगों ने प्रधानमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस अवसर पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव भी उपस्थित थे। उन्होंने प्रधानमंत्री को देवी की प्रतिमा भेंट की।
रेलवे बोर्ड के अनुसार, वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में RAC की कोई व्यवस्था नहीं होगी, जिससे यात्रियों को पूरी तरह कंफर्म बर्थ की सुविधा मिलेगी। ट्रेन में कुल 16 कोच होंगे, जिनमें
11 थर्ड एसी,
4 सेकंड एसी,
1 फर्स्ट एसी कोच शामिल हैं।
ट्रेन को विशेष रूप से लंबी दूरी की रात्री यात्रा को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है। इसमें आरामदायक स्लीपर बर्थ, आधुनिक सस्पेंशन सिस्टम, उन्नत सुरक्षा तकनीक, सीसीटीवी कैमरे और यात्री-अनुकूल सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
किराये की बात करें तो वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का किराया राजधानी एक्सप्रेस जैसी प्रीमियम ट्रेनों से थोड़ा अधिक रखा गया है। गुवाहाटी से हावड़ा तक थर्ड एसी का किराया लगभग ₹2,300 तय किया गया है। इससे पहले 1 जनवरी को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस रूट पर एसी-1, एसी-2 और एसी-3 श्रेणियों के संभावित किरायों की घोषणा की थी।
रेलवे अधिकारियों का मानना है कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की शुरुआत से पूर्वोत्तर भारत में पर्यटन, व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। यह ट्रेन ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान का भी सशक्त उदाहरण है।
कुल मिलाकर, वंदे भारत स्लीपर ट्रेन भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधा और तेज रफ्तार का अनुभव कराएगी।
