जेपीएससी-जेएसएससी में गड़बड़ी के खिलाफ भाजपा ने घेरा उपायुक्त कार्यालयछात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने और नियुक्ति परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच की मांग
पश्चिमी सिंहभूम, 12 सितंबर। जेपीएससी और जेएसएससी की नियुक्ति परीक्षाओं में अनियमितता तथा छात्रों पर दर्ज मुकदमों के विरोध में भाजपा ने शनिवार को चाईबासा में उपायुक्त कार्यालय का घेराव किया। पार्टी के नेता और कार्यकर्ता जुलूस की शक्ल में सर्किट हाउस के पास एकत्र हुए और विभिन्न मार्गों से होते हुए उपायुक्त कार्यालय पहुंचे। इस दौरान राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन और नारेबाजी की गई।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता नारे लिखी तख्तियां लेकर शामिल हुए। भाजपा ने नियुक्ति परीक्षाओं में पारदर्शिता, छात्रों पर दर्ज प्राथमिकी वापस लेने और उनकी मांगों पर सरकार से शीघ्र निर्णय लेने की मांग की। उपायुक्त कार्यालय पहुंचने के बाद प्रदर्शन सभा में तब्दील हो गया। इसके बाद भाजपा नेताओं ने तीन सूत्री मांगों का ज्ञापन उपायुक्त को सौंपा।
भाजपा जिला प्रभारी विनय जायसवाल ने कहा कि सरकार ने युवाओं को रोजगार देने का वादा किया था, लेकिन नियुक्ति परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। छात्रों के सवालों का जवाब मुकदमों और प्राथमिकी से नहीं, बल्कि निष्पक्ष एवं पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था से दिया जाना चाहिए।
पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने कहा कि रोजगार की उम्मीद में गरीब परिवार अपने बच्चों की पढ़ाई पर वर्षों तक मेहनत और पैसा खर्च करते हैं। नियुक्ति प्रक्रिया में गड़बड़ी का असर छात्रों के साथ-साथ उनके परिवारों पर भी पड़ता है। उन्होंने कहा कि जांच में किसी अधिकारी, बिचौलिए या गिरोह की संलिप्तता सामने आने पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
भाजपा जिलाध्यक्ष गीता बालमुचू ने छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने और जेपीएससी-जेएसएससी सहित सभी नियुक्ति परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। पूर्व मंत्री बड़कुंवर गागराई ने कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। प्रदेश कार्यसमिति सदस्य जेबी तुबिद ने सरकार से छात्रों की जायज मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की।
पूर्व विधायक गुरुचरण नायक ने कहा कि झारखंड के युवा अपना अधिकार मांग रहे हैं, भीख नहीं। रोजगार की मांग करने वाले युवाओं पर मुकदमा दर्ज करना उचित नहीं है। भाजपा नेताओं ने चेतावनी दी कि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को प्रदेश स्तर पर तेज किया जाएगा। इसके तहत चक्का जाम और बंद जैसे कार्यक्रम भी किए जा सकते हैं।
सभा को मालती गिलुआ और विजय गागराई ने भी संबोधित किया। मौके पर महामंत्री भूषण पाट पिंगुआ, चंदन झा, सनी पासवान, हेमंत केसरी, तीरथ जामुदा, अंजन प्रधान, रानी बंदिया, गुल्लू कुमार, राकेश पोद्दार, राकेश शर्मा, चंद्र मोहन तिऊ और रूपा सिंह दास सहित विभिन्न मंच-मोर्चा एवं मंडल अध्यक्ष और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे।
