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विश्व पर्यावरण दिवस पर हरित भविष्य की दिशा में बढ़ रहा टाटा स्टील

पूर्वी सिंहभूम, 04 जून । विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के अवसर पर टाटा स्टील ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया है कि वह इस्पात उद्योग को टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल भविष्य की ओर ले जाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। जलवायु परिवर्तन की वैश्विक चुनौती के बीच कंपनी ने वर्ष 2045 तक नेट जीरो उत्सर्जन हासिल करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है और इस दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।

गुरुवार को टाटा स्टील की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार जलवायु रणनीति का केंद्र बिंदु कार्बन उत्सर्जन में कमी लाना है। कंपनी ने अपने विभिन्न वैश्विक परिचालनों के लिए स्पष्ट लक्ष्य तय किए हैं। भारत में वर्ष 2030 तक उत्सर्जन तीव्रता में 10 से 15 प्रतिशत की कमी, नीदरलैंड्स में कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में 43 प्रतिशत की कटौती और ब्रिटेन में इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस (ईएएफ) तकनीक के माध्यम से प्रत्यक्ष उत्सर्जन में 90 प्रतिशत तक कमी लाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। ये लक्ष्य कंपनी की पर्यावरणीय जवाबदेही और नवाचार आधारित विकास दृष्टिकोण को दर्शाते हैं।

कंपनी ने हाल ही में लुधियाना में भारत का अपना पहला 100 प्रतिशत स्क्रैप आधारित इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस शुरू किया है। यह संयंत्र लगभग 50 प्रतिशत नवीकरणीय ऊर्जा से संचालित होता है और प्रति टन इस्पात उत्पादन पर 0.3 टन से भी कम कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जित करता है।

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