गिरिडीह

डुमरी थाना कांड पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, ट्रायल जल्द खत्म करने को कहा

डुमरी

Giridih : गिरिडीह के डुमरी थाना कांड से जुड़े एनआईए मामले में सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल में हो रही देरी पर नाराजगी जताई है। जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस पीबी वराले की बेंच ने कहा कि अभियोजन पक्ष के गवाहों की जांच पूरी हो चुकी है, लेकिन बचाव पक्ष की गवाही अब तक शुरू नहीं हो पाई है। ऐसे में कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को तीन महीने के भीतर सुनवाई पूरी करने का निर्देश दिया।

लंबी हिरासत के आधार पर मिली जमानत
याचिकाकर्ता मनोज कुमार चौधरी की ओर से बताया गया कि वे करीब छह साल से जेल में हैं। उनके वकील ने दलील दी कि एनआईए की जांच में टेरर फंडिंग का कोई ठोस सबूत नहीं मिला है। इन तथ्यों को देखते हुए कोर्ट ने उन्हें जमानत देने का फैसला किया।

झरीलाल महतो को भी राहत, 7 साल से ज्यादा समय से थे जेल में
दूसरे आरोपी झरीलाल महतो भी करीब 7 साल 9 महीने से जेल में बंद थे। उनका नाम भी इसी मामले में दर्ज है, जिसमें देशद्रोह, आपराधिक साजिश और गैरकानूनी गतिविधियों से जुड़े गंभीर आरोप लगाए गए हैं। कोर्ट ने उन्हें भी जमानत दे दी है।

ट्रायल में सहयोग का निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने दोनों आरोपियों को राहत देते हुए साफ कहा है कि वे ट्रायल में पूरा सहयोग करें। साथ ही ट्रायल कोर्ट को निर्देश दिया गया है कि तय समय सीमा के भीतर सुनवाई पूरी की जाए।

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