पुलिस की पाठशाला में छात्रों को साइबर क्राइम और ट्रैफिक नियमों की मिली जानकारी
धनबाद, 11 नवंबर । वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) के निर्देश पर मंगलवार को झाडूडीह स्थित कार्मेल स्कूल में एक विशेष पुलिस की पाठशाला जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस अनूठी पहल का उद्देश्य स्कूली बच्चों के साथ पुलिस का संबंध स्थापित करना और उन्हें विभिन्न सुरक्षा पहलुओं के बारे में जागरूक करना था।
कार्यक्रम के दौरान सिटी एसपी धनबाद ऋत्विक श्रीवास्तव ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस से डरने की जरूरत नहीं है, बल्कि पुलिस आपके लिए एक दोस्त और सहयोगी के तौर पर हमेशा तत्परता से खड़ी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस हमेशा आपके द्वार पर मौजूद है और किसी भी आपात स्थिति में सहायता के लिए तुरंत उपलब्ध रहती है।
इस संवाद सत्र ने बच्चों के मन से पुलिस के प्रति व्याप्त भय को कम करने और विश्वास को बढ़ाने का काम किया। सिटी एसपी ने कहा कि पुलिस की पाठशाला में मुख्य रूप से तीन महत्वपूर्ण विषयों पर ध्यान केंद्रित किया गया, जिसमें साइबर क्राइम, ट्रैफिक नियम और पॉक्सो एक्ट (बच्चों के यौन उत्पीड़न से संरक्षण अधिनियम)।
साइबर जागरूकता में बच्चों को डिजिटल दुनिया में बढ़ते खतरे ऑनलाइन धोखाधड़ी, फिशिंग और सोशल मीडिया के दुरुपयोग से सतर्क रहने के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि किस तरह साइबर अपराधी नए-नए तरीकों से लोगों को निशाना बना रहे हैं और इससे बचने के लिए क्या करना चाहिए और क्या नहीं। एसपी ने जोर देकर कहा कि साइबर क्राइम का नेचर दिन-प्रतिदिन इवॉल्व हो रहा है, इसलिए हमेशा जागरूक रहना आवश्यक है।
ट्रैफिक नियमों का पालन करने की अनिवार्यता के बारे में बताया
इस दौरान बच्चों को यातायात सुरक्षा में छात्रों को सड़क सुरक्षा के महत्व और ट्रैफिक नियमों का पालन करने की अनिवार्यता समझाई गई। उन्हें बताया गया कि हेलमेट पहनना, सीट बेल्ट लगाना और सड़क पार करने के सही तरीके जैसे नियमों का पालन क्यों जरूरी है, ताकि वे दुर्घटनाओं से सुरक्षित रह सकें।
बच्चों की पाठशाला में पॉक्सो एक्ट की जानकारी विशेष रूप से दी गई। उन्हें सुरक्षित स्पर्श (सेफ टच) और असुरक्षित स्पर्श (अनसेफ टच) के बारे में बताया गया। बच्चों को सिखाया गया कि किसी भी तरह के यौन उत्पीड़न या असहज स्थिति में उन्हें चुप नहीं रहना है और तुरंत अपने शिक्षकों या अभिभावकों को सूचित करना है।
वहीं कार्यक्रम के अंत में कई उत्साहित छत्राओं ने पुलिस अधिकारियों से सवाल भी पूछे और उन्हें धन्यवाद दिया। छात्राओं ने कहा कि इस कार्यक्रम से उन्हें पुलिस को एक सहायक शक्ति के रूप में देखने की प्रेरणा मिली है।
