परिसीमन पर भ्रम फैलाना लोकतंत्र के हित में नहीं : भाजपा

रांची। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश प्रवक्ता मृत्युंजय शर्मा ने परिसीमन को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम पर चिंता जताते हुए कहा कि कुछ राजनीतिक दल अपने संकीर्ण राजनीतिक हितों के लिए जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि परिसीमन कोई राजनीतिक निर्णय नहीं, बल्कि संविधान में निहित एक आवश्यक लोकतांत्रिक प्रक्रिया है।
परिसीमन संविधान सम्मत लोकतांत्रिक प्रक्रिया
शनिवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में मृत्युंजय शर्मा ने कहा कि संविधान की भावना के अनुसार प्रत्येक जनगणना के बाद परिसीमन होना चाहिए, ताकि जनसंख्या में हुए बदलाव के अनुरूप लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व संतुलित बना रहे। उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्यों में जनसंख्या वृद्धि की अलग-अलग दर के कारण कई निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाताओं की संख्या में असमानता आ गई है, जिसे दूर करना लोकतांत्रिक व्यवस्था की आवश्यकता है।
जनगणना के बाद तथ्यों के आधार पर हो चर्चा
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि अभी देश में जनगणना की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है और आधिकारिक आंकड़े भी उपलब्ध नहीं हैं। इसके बावजूद कुछ राजनीतिक दल काल्पनिक आशंकाओं के आधार पर जनता के बीच भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आधिकारिक आंकड़ों के बिना किसी निष्कर्ष पर पहुंचना गैर-जिम्मेदाराना है।
राजनीतिक नहीं, संवैधानिक प्रक्रिया है परिसीमन
मृत्युंजय शर्मा ने कहा कि परिसीमन किसी राज्य, क्षेत्र या समुदाय के खिलाफ नहीं, बल्कि पूरे देश में लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व को अधिक न्यायसंगत और संतुलित बनाने की संवैधानिक व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि इस विषय पर अनावश्यक भय और भ्रम फैलाना स्वस्थ लोकतांत्रिक विमर्श को कमजोर करता है।
भ्रामक प्रचार से सावधान रहने की अपील
उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का स्पष्ट मत है कि संवैधानिक संस्थाओं और संविधान सम्मत प्रक्रियाओं का सम्मान किया जाना चाहिए। परिसीमन पर सार्थक चर्चा जनगणना के आधिकारिक आंकड़े सामने आने के बाद तथ्यों के आधार पर होनी चाहिए। उन्होंने लोगों से भ्रामक प्रचार से सावधान रहने और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं पर विश्वास बनाए रखने की अपील की।
