अनुशासन, मेहनत, आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प सिखाने का माध्यम है खेल : कल्पना सोरेन
Ranchi : लोरेटो कॉन्वेंट, रांची के वार्षिक खेल समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचीं कल्पना सोरेन ने छात्राओं को संबोधित किया और खेलों को जीवन दिशा देने वाली महत्वपूर्ण गतिविधि बताया। उन्होंने कहा कि खेल सिर्फ प्रतियोगिता नहीं, बल्कि अनुशासन, मेहनत, आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प सिखाने का माध्यम है। जीवन की चुनौतियों का सामना करने की क्षमता भी खेल के मैदान से विकसित होती है।
विद्यालय के शैक्षणिक वातावरण की सराहना
कल्पना सोरेन ने लोरेटो कॉन्वेंट के शैक्षणिक माहौल की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह संस्था शिक्षा के साथ-साथ मूल्यों और संस्कारों पर समान ध्यान देती है। यहां अनुशासन, निष्ठा, विनम्रता और ईमानदारी पर विशेष जोर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि विद्यालय छात्राओं को बड़े सपने देखने और साहस के साथ उन सपनों की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित करता है।
महिला सशक्तिकरण पर जोर
उन्होंने कहा कि लोरेटो कॉन्वेंट केवल पढ़ाई का केंद्र नहीं, बल्कि वह स्थान है जहां युवा बालिकाओं को आत्मविश्वासी, निर्भीक और संवेदनशील नागरिक के रूप में तैयार किया जाता है। शिक्षा और खेल मिलकर ऐसी पीढ़ी का निर्माण करते हैं जो समाज में सम्मान और जिम्मेदारी के साथ योगदान दे सके।
महान खिलाड़ियों के उदाहरण से प्रेरित किया
अपने संबोधन में उन्होंने झारखंड की दो प्रमुख खेल हस्तियों का उल्लेख किया –
- जयपाल सिंह मुंडा, जिन्होंने सीमित अवसरों के बावजूद ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व किया।
- सलीमा टेटे, जिन्होंने ग्रामीण परिवेश से निकलकर अंतरराष्ट्रीय हॉकी में पहचान बनाई।
उन्होंने कहा कि ये दोनों उदाहरण साबित करते हैं कि सफलता व्यक्ति की परिस्थितियों पर नहीं, बल्कि उसकी इच्छाशक्ति और दृढ़ता पर निर्भर करती है।
छात्राओं को दिया स्नेह और शुभकामनाएं
अंत में कल्पना सोरेन ने सभी छात्राओं को स्नेह और आशीर्वाद दिया। उन्होंने कहा कि खेल जीवन में सकारात्मक ऊर्जा भरता है और उम्मीद जताई कि लोरेटो कॉन्वेंट की छात्राएं शिक्षा और खेल दोनों क्षेत्रों में उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करेंगी।
