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सम्राट चौधरी सरकार ने जीता विश्वास मत, सदन में गूंजा ट्रिपल सी का संकल्प

Patna : बिहार की 243 सदस्यीय विधानसभा में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को विश्वास मत हासिल कर अपनी सरकार का बहुमत साबित कर दिया। सदन में पेश किए गए विश्वास मत प्रस्ताव को ध्वनि मत से पारित कर दिया गया, जिसके साथ ही सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार ने विधानसभा का भरोसा जीत लिया। सम्राट चौधरी ने 15 अप्रैल को नीतीश कुमार की जगह बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। उनके साथ जनता दल यूनाइटेड (जदयू) कोटे से विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण की थी।

विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र में विश्वास मत प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के वरिष्ठ नेताओं के प्रति आभार जताया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री की कुर्सी किसी की निजी संपत्ति नहीं है, बल्कि 14 करोड़ जनता के समर्थन और आशीर्वाद से उन्हें यह जिम्मेदारी मिली है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता किसी परिवार विशेष या व्यक्ति विशेष की जागीर नहीं हो सकती।

मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू प्रसाद यादव पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि लालू यादव के शासनकाल में हुए अत्याचारों ने ही उन्हें राजनीति में मजबूती दी। उन्होंने दावा किया कि लालू यादव ने उन्हें और उनके परिवार के 22 लोगों को जेल भेजा था और बाद में सार्वजनिक रूप से अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी भी मांगी थी।

सम्राट चौधरी ने अपनी सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए कहा कि उनकी सरकार “ट्रिपल सी” यानी क्राइम, करप्शन और कम्युनलिज्म पर किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि जैसे नीतीश कुमार के नेतृत्व में इन मुद्दों पर सख्ती बरती गई, उसी तरह आगे भी यह नीति जारी रहेगी। महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी मुख्यमंत्री ने सख्त रुख दिखाया। उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि जो भी महिलाओं के खिलाफ अपराध करेगा, उसे पुलिस पाताल से भी ढूंढ निकालेगी।

प्रशासनिक सुधारों पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्लॉक, अंचल और थाना स्तर पर आम लोगों को बेहतर सेवाएं देने के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) सीधे निगरानी करेगा। उन्होंने लोक सेवा का अधिकार कानून, भूमि पोर्टल, ई-म्यूटेशन और ई-मैपिंग जैसी व्यवस्थाओं को और मजबूत बनाने का भरोसा दिलाया। सदन में चर्चा के दौरान उन्होंने एक बड़ी जनहित घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि अब सड़क दुर्घटना में मौत होने पर पीड़ित परिवार को कुल 8 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। इसमें 4 लाख रुपये बीमा कंपनी और 4 लाख रुपये राज्य सरकार की ओर से दिए जाएंगे। यह फैसला विधायकों की मांग के बाद लिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार जनता के हित, सुशासन और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करेगी और बिहार के विकास को नई रफ्तार देगी।

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