सैफ अंडर-19 महिला फुटबॉल चैंपियनशिप: झारखंड की बेटियों के दम पर भारत बना चैंपियन
फाइनल में बांग्लादेश को 4-0 से हराया, एलिजाबेथ लकड़ा ने दागा शानदार गोल
भारतीय टीम में झारखंड की 6 खिलाड़ियों ने किया प्रतिनिधित्व, नेपाल में लहराया तिरंगा
रांची: साउथ एशियन फुटबॉल फेडरेशन (SAFF) के तत्वावधान में 31 जनवरी से 7 फरवरी 2026 तक नेपाल की राजधानी काठमांडू में आयोजित सैफ अंडर-19 महिला फुटबॉल चैंपियनशिप में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में बांग्लादेश को 4-0 से पराजित कर चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। इस ऐतिहासिक जीत में झारखंड की बेटियों ने अहम भूमिका निभाते हुए राज्य और देश का नाम रोशन किया।
फाइनल मुकाबले में झारखंड की प्रतिभाशाली खिलाड़ी एलिजाबेथ लकड़ा ने भी शानदार गोल कर टीम की जीत में महत्वपूर्ण योगदान दिया। पूरे टूर्नामेंट में भारतीय टीम ने नेपाल, भूटान और बांग्लादेश जैसी मजबूत टीमों को हराकर अपनी श्रेष्ठता साबित की।
भारतीय टीम में झारखंड की 6 बेटियों का रहा योगदान
भारतीय टीम में झारखंड की कुल 6 खिलाड़ियों को शामिल किया गया था। इनमें खेल विभाग द्वारा संचालित आवासीय बालिका फुटबॉल प्रशिक्षण केंद्र, इंडोर स्टेडियम गुमला की चार खिलाड़ी एलिजाबेथ लकड़ा, अनीता डुंगडुंग, सूरज मुनि कुमारी और विनीता होरो शामिल थीं। इसके अलावा आवासीय बालिका फुटबॉल प्रशिक्षण केंद्र, हजारीबाग की अनुष्का कुमारी और स्टार वॉरियर्स, रांची की दिव्यानी लिंडा ने भी टीम का प्रतिनिधित्व किया।
इन खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन ने न केवल भारतीय टीम को मजबूती दी, बल्कि झारखंड की खेल प्रतिभा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई।
जीत पर मुख्यमंत्री सहित खेल जगत ने दी बधाई
इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, खेल मंत्री सुदीब्य कुमार सोनू, खेल सचिव मनोज कुमार, खेल निदेशक आसिफ इकराम, झारखंड ओलंपिक संघ के सचिव मधुकांत पाठक, झारखंड फुटबॉल संघ के महासचिव गुलाब रब्बानी सहित राज्य के कई खेल पदाधिकारियों और खेल प्रेमियों ने खिलाड़ियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं।
कोच बिना केरकेट्टा, सोनी कुमारी, सुशीला कुमारी और बबलू समेत कई प्रशिक्षकों ने भी खिलाड़ियों की इस उपलब्धि को झारखंड के लिए गर्व का क्षण बताया।
झारखंड बन रहा महिला फुटबॉल की नई ताकत
झारखंड की बेटियों के इस शानदार प्रदर्शन ने साबित कर दिया है कि राज्य महिला फुटबॉल के क्षेत्र में तेजी से उभर रहा है। बेहतर प्रशिक्षण और सरकारी सहयोग के बल पर राज्य की खिलाड़ी लगातार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रही हैं।
