अमेरिका के साथ साझेदारी की ओर झारखंड, निवेश के लिए कई क्षेत्रों में बनी सहमति
रांची, 29 जुलाई। झारखंड में वैश्विक निवेश और सहयोग के नए अवसर खुलते नजर आ रहे हैं। मंगलवार को राज्य की मुख्य सचिव अलका तिवारी और अमेरिका की काउंसलेट जनरल कैली जाइल डियाज के बीच एक अहम बैठक हुई, जिसमें खनन, उच्च शिक्षा, पर्यटन, कृषि, स्वास्थ्य, पर्यावरण और महिला सशक्तिकरण जैसे कई क्षेत्रों में संभावित साझेदारी को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।
मुख्य सचिव ने झारखंड की समृद्ध प्राकृतिक संपदा, कुशल श्रमबल और निवेश के अनुकूल नीतिगत प्रयासों को रेखांकित करते हुए कहा कि राज्य निवेशकों के लिए अपार संभावनाएं प्रदान करता है। उन्होंने मुख्यमंत्री की ‘मईयां सम्मान योजना’ और महिला सशक्तिकरण के प्रयासों की भी जानकारी साझा की।
अमेरिका ने जताई निवेश की इच्छा
काउंसलेट जनरल कैली जाइल डियाज ने झारखंड के साथ दीर्घकालिक साझेदारी और निवेश में रुचि जताई। उनके साथ मौजूद अमेरिकी प्रतिनिधि संगीता डे चंदा ने भी विभिन्न परियोजनाओं में सहयोग को लेकर सहमति जताई।
खनन और संयुक्त उद्यमों पर फोकस
राज्य के खान निदेशक राहुल कुमार सिन्हा ने जानकारी दी कि कोयला, लिथियम, ग्रेफाइट और टाइटेनियम जैसे खनिजों के क्षेत्र में संयुक्त उपक्रम (Joint Venture) की बड़ी संभावनाएं मौजूद हैं।
पर्यावरण संरक्षण और कार्बन क्रेडिट पर चर्चा
टास्क फोर्स–सस्टेनेबल जस्ट ट्रांजिशन के चेयरमैन ए.के. रस्तोगी ने कहा कि झारखंड देश के सबसे अधिक वन क्षेत्र (33%) वाले राज्यों में शामिल है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और कार्बन क्रेडिट के क्षेत्र में अमेरिका के साथ तकनीकी एवं निवेश सहयोग की जरूरत पर बल दिया।
पर्यटन और कृषि भी बने आकर्षण का केंद्र
मुख्य सचिव ने कहा कि झारखंड के प्राकृतिक पर्यटन स्थल वैश्विक निवेशकों को आकर्षित कर सकते हैं। साथ ही राज्य की 70% आबादी कृषि पर निर्भर है, जिससे यह क्षेत्र भी निवेश के लिहाज से अहम है।
इस बैठक को झारखंड में अंतरराष्ट्रीय निवेश बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।
