मांदर की थाप पर झूम उठा संत जेवियर्स कॉलेज, 13 टीमों ने प्रस्तुत किए जनजातीय नृत्य
रांची में सांस्कृतिक नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन, संत अन्ना छात्रावास और खड़िया छात्र संघ ने हासिल किया पहला स्थान
रांची। संत जेवियर्स कॉलेज, रांची में रविवार को ट्राइबल सोसाइटी की ओर से सांस्कृतिक नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें विभिन्न कॉलेजों के छात्रावासों और छात्र संघों की कुल 13 टीमों ने भाग लिया। पारंपरिक वेशभूषा, ढोल-नगाड़ों और मांदर की थाप पर छात्र-छात्राओं ने सामूहिक नृत्य प्रस्तुत कर झारखंड की समृद्ध जनजातीय संस्कृति और परंपराओं की आकर्षक झलक पेश की।
प्रतियोगिता के दौरान कॉलेज परिसर में उत्साह और उल्लास का माहौल रहा। प्रतिभागियों ने पारंपरिक गीत-संगीत और नृत्य के माध्यम से अपनी सांस्कृतिक विरासत को जीवंत किया। विभिन्न टीमों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।
आदिवासी रीति-रिवाज से हुआ मुख्य अतिथि का स्वागत
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि आईजी अनिलसन लकड़ा का स्वागत आदिवासी रीति-रिवाज के अनुसार किया गया। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि युवाओं को कॉलेज जीवन में मिलने वाले अवसरों का भरपूर लाभ उठाना चाहिए।
विशिष्ट अतिथि रांची जेसुइट के नवनियुक्त प्रोविंशियल सह कॉलेज के चेयरमैन फादर फ्रांसिस मिंज, एसजे ने सांस्कृतिक चेतना के साथ बौद्धिक चेतना को भी जरूरी बताया। प्रतियोगिता में अरुण तिग्गा, जैकब लकड़ा और आशीष कुजूर ने निर्णायक की भूमिका निभाई।
अंतर छात्रावास नृत्य प्रतियोगिता में संत अन्ना प्रथम
अंतर छात्रावास सामूहिक नृत्य प्रतियोगिता में संत अन्ना छात्रावास ने पहला स्थान हासिल किया। संत जेवियर्स हॉस्टल दूसरे और निर्मला कॉलेज छात्रावास तीसरे स्थान पर रहा।
वहीं, अंतर छात्र संघ नृत्य प्रतियोगिता में खड़िया छात्र संघ ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। हीरा-बरवे छात्र संघ दूसरे और संथाल छात्र संघ तीसरे स्थान पर रहा।
जावा प्रतियोगिता में हीरा-बरवे छात्र संघ ने मारी बाजी
जावा प्रतियोगिता में हीरा-बरवे छात्र संघ ने पहला स्थान हासिल किया। लोयोला हॉस्टल दूसरे और संत अन्ना हॉस्टल, डोरंडा तीसरे स्थान पर रहा।
इसके अलावा मनरेसा हाउस, माइनर सेमिनरी, उर्सुलाइन छात्रावास, पलामू छात्र संघ, छोटानागपुर मुंडा छात्र संघ और हो यूथ एसोसिएशन की टीमों ने भी अपनी प्रस्तुतियों से कार्यक्रम में उत्साह बढ़ाया।
कई गणमान्य लोग रहे उपस्थित
कार्यक्रम में डॉ. फादर प्रभात केनेडी सोरेंग, एसजे, उप-प्राचार्य डॉ. फादर अजय अरुण मिंज, फादर अजय अनिल तिर्की और डॉ. मेल्टिना टोप्पो सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
इस आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों को जनजातीय संस्कृति, पारंपरिक नृत्य और सामूहिक सांस्कृतिक अभिव्यक्ति से जुड़ने का अवसर मिला। मांदर की थाप और पारंपरिक प्रस्तुतियों ने कॉलेज परिसर को जनजातीय लोक-संस्कृति के रंगों से सराबोर कर दिया।
