रांची के अपना घर आश्रम में 15 दिनों में 3200 निराश्रितों को कराया गया भोजन
अन्नपूर्णा सेवा के तहत 17 से 31 अक्टूबर तक चला सेवा अभियान, संजय सर्राफ बोले- जरूरतमंदों की सेवा ही ईश्वर की सच्ची आराधना
रांची। जरूरतमंद और निराश्रित लोगों की सेवा ही ईश्वर की सच्ची आराधना है। इसी भावना के साथ एमआरएस श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट की ओर से रांची के पुंदाग स्थित श्री कृष्ण प्रणामी मंगल राधिका सदानंद सेवाधाम परिसर में अन्नपूर्णा सेवा चलाई जा रही है। सद्गुरु कृपा अपना घर आश्रम (सत्य-प्रेम सभागार) में रह रहे निराश्रित दिव्यांगों और उनकी देखभाल करने वाले सेवादारों को नियमित रूप से भोजन कराया जा रहा है।
आश्रम के प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने बताया कि 17 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक 15 दिनों में करीब 3200 निराश्रित प्रभुजनों और उनकी देखभाल में लगे सेवादारों को भोजन कराया गया। वर्तमान में आश्रम में 48 निराश्रित दिव्यांग प्रभुजन रह रहे हैं। परमहंस डॉ. संत शिरोमणि श्री श्री 108 स्वामी सदानंद जी महाराज के सानिध्य में यह सेवा कार्य संचालित हो रहा है।
स्वच्छता और सात्विकता के साथ तैयार होता है भोजन
संजय सर्राफ ने बताया कि आश्रम के रसोईघर में पूरी स्वच्छता और सात्विकता का ध्यान रखते हुए पौष्टिक एवं स्वादिष्ट भोजन तैयार किया जाता है। निराश्रित प्रभुजनों को दिन में तीनों समय अलग-अलग व्यंजन परोसे जाते हैं। प्रत्येक व्यक्ति को सम्मान, स्नेह और आत्मीयता के साथ भोजन कराया जाता है।
उन्होंने बताया कि इस सेवा कार्य में कई लोग स्वयं भोजन सेवा का दायित्व निभाकर सहयोग कर रहे हैं। वहीं, कई लोगों की ओर से आश्रम में रहने वाले निराश्रितों और जरूरतमंदों के लिए खाद्य सामग्री तथा आवश्यक वस्तुएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।
समाज के हर वर्ग से सहयोग की अपील
संजय सर्राफ ने कहा कि मानव सेवा से बढ़कर कोई सेवा नहीं है। जरूरतमंदों की सेवा ही ईश्वर की सच्ची आराधना है। ऐसे सेवा कार्यों को समाज के प्रत्येक वर्ग का सहयोग और प्रोत्साहन मिलना चाहिए।
उन्होंने बताया कि आश्रम को सत्यनारायण पोद्दार चैरिटेबल ट्रस्ट और बाबूलाल प्रेमसंस ग्रुप का निरंतर सहयोग मिल रहा है।
इन लोगों का रहा योगदान
अन्नपूर्णा सेवा के इस पुनीत कार्य में चैरिटेबल ट्रस्ट के निदेशक पंकज पोद्दार, कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के अध्यक्ष डुंगरमल अग्रवाल, उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल, निर्मल जालान, मनोज चौधरी, निर्मल छावनिका, सज्जन पाड़िया, पुजारी अरविंद पांडे, पुरणमल सर्राफ, शिव भगवान अग्रवाल, सुरेश अग्रवाल, नन्द किशोर चौधरी, मनीष साहू, संजय सर्राफ, विशाल जालान, सुनील पोद्दार, मधुसूदन जाजोदिया, अंजनी अग्रवाल, विष्णु सोनी, सुरेश चौधरी, अरविंद अग्रवाल, सुरेश भगत और पवन पोद्दार सहित अन्य सदस्यों की सहभागिता रही।
