विधानसभा महिला कर्मी की मौत पर गरमाई राजनीति, जयराम महतो ने मांगी 5 विधायकों की जांच कमिटी

Ranchi : झारखंड विधानसभा की महिला कर्मी अंजना तिवारी की इलाज के दौरान हुई मौत के बाद मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। इस घटना के बाद विधानसभा कर्मियों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। गुस्साए कर्मचारी विधानसभा परिसर में अंजना तिवारी के शव के साथ ताबूत पर बैठ गए और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करने लगे। घटना ने पूरे विधानसभा परिसर का माहौल गरमा दिया है। मरीजों का आरोप है कि अंजना तिवारी पूरी तरह सामान्य हालत में खुद पैदल चलकर सेंटेविटा अस्पताल में गॉल ब्लैडर के ऑपरेशन के लिए भर्ती हुई थीं। लेकिन इलाज के दौरान कथित लापरवाही बरती गई, जिसकी वजह से उनकी मौत हो गई। इस आरोप के बाद अस्पताल प्रबंधन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
जयराम महतो ने निजी अस्पतालों पर उठाए सवाल
मामले को लेकर विधायक जयराम महतो ने निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर तीखा सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि यह पहली घटना नहीं है, जब निजी अस्पतालों पर लापरवाही के आरोप लगे हों। उन्होंने आरोप लगाया कि कई निजी अस्पताल मरीजों को सिर्फ कमाई का जरिया समझते हैं और इलाज से ज्यादा फोकस पैसे की वसूली पर रहता है।
5 विधायकों की जांच कमिटी बनाने की मांग
जयराम महतो ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए पांच विधायकों की कमिटी गठित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि अगर जांच कमिटी में जनप्रतिनिधि शामिल होंगे तो पारदर्शिता बनी रहेगी और सच सामने आएगा। उन्होंने साफ कहा कि इस मामले में किसी भी तरह की लीपापोती नहीं होनी चाहिए। विधायक ने सिविल सर्जन स्तर की जांच प्रक्रिया पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि अब तक ऐसी कई जांच हुईं, लेकिन उनका कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार निजी अस्पतालों का प्रभाव प्रशासनिक अधिकारियों तक बना रहता है, जिससे निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हो पाती।
विधानसभा कर्मियों के साथ खड़े हैं जयराम
जयराम महतो ने कहा कि वह विधानसभा कर्मियों के आंदोलन के साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं। उन्होंने कहा कि दोषी डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। विधायक ने अंजना तिवारी की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और उनके परिजनों को इस दुख की घड़ी में हिम्मत देने की बात कही। साथ ही उन्होंने सरकार और प्रशासन से मांग की कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं।
