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एसआईआर पर सियासी घमासान: भाजपा ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर लगाया मतदाताओं को गुमराह करने का आरोप

Ranchi: झारखंड में मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण को लेकर सत्ता और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर राज्य की जनता को दिग्भ्रमित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि वे अपने कथित घुसपैठिए वोट बैंक को बचाने के लिए राजनीति कर रहे हैं। साहू के अनुसार, मुख्यमंत्री का विरोध केवल इस डर से है कि उनके कार्यकाल में जोड़े गए फर्जी मतदाता इस प्रक्रिया के दौरान सूची से बाहर हो जाएंगे।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने इस प्रक्रिया का बचाव करते हुए कहा कि एसआईआर कोई नई गतिविधि नहीं है, बल्कि चुनाव आयोग का एक नियमित और संवैधानिक हिस्सा है जो देश में लंबे समय से होता आ रहा है। उन्होंने तर्क दिया कि मोदी सरकार के पहले भी कांग्रेस के शासनकाल में यह प्रक्रिया कई बार अपनाई गई है। साहू ने झारखंड में मतदाताओं की वृद्धि दर पर सवाल उठाते हुए इसे राज्य की डेमोग्राफी बदलने की कोशिश बताया।

उन्होंने दावा किया कि 2019 से 2024 के बीच जहां देश में मतदाताओं की संख्या में 10.1 फीसदी की वृद्धि हुई, वहीं झारखंड में यह आंकड़ा 16.7 फीसदी रहा। अपनी बात को पुष्ट करने के लिए आदित्य साहू ने घाटशिला और चाकुलिया जैसे क्षेत्रों का हवाला दिया और कहा कि वहां जनसांख्यिकीय आंकड़ों में असामान्य बदलाव देखे गए हैं। भाजपा ने साफ तौर पर कहा कि एसआईआर लोकतंत्र को मजबूत और पारदर्शी बनाने का प्रयास है ताकि फर्जी मतदाताओं को हटाकर वास्तविक नागरिकों के अधिकारों की रक्षा की जा सके। वहीं दूसरी ओर, इस मुद्दे पर राजनीतिक खींचतान ने राज्य में चुनावी माहौल को गरमा दिया है।

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