रिम्स-2 के विरोध में मुख्यमंत्री आवास घेरने निकले लोग, बोले- हम विकास के विरोधी नहीं, लेकिन…

Ranchi : नगड़ी में प्रस्तावित रिम्स-2 निर्माण परियोजना को लेकर विरोध तेज हो गया है। गुरुवार को आदिवासी संगठनों और नगड़ी जमीन बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले बड़ी संख्या में ग्रामीण, किसान और आदिवासी समाज के लोग सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में मुख्यमंत्री आवास तक पैदल मार्च शुरू किया, लेकिन प्रशासन ने उन्हें कांके के ब्लॉक चौक के पास रोक दिया। प्रदर्शन के दौरान आंदोलनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी जमीन बचाने की मांग उठाई। उनका कहना था कि सरकार यदि रिम्स-2 जैसे महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संस्थान का निर्माण करना चाहती है तो इसके लिए बंजर या गैर-कृषि भूमि का चयन करे। उपजाऊ कृषि भूमि पर निर्माण करना किसानों के हितों के खिलाफ है।
खेती पर निर्भर हैं हजारों परिवार
ग्रामीणों का कहना है कि नगड़ी क्षेत्र की जमीन काफी उपजाऊ है और यहां के अधिकांश परिवार खेती-किसानी पर निर्भर हैं। यदि इस जमीन पर बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य होता है तो किसानों की आजीविका प्रभावित होगी। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यह केवल जमीन का मामला नहीं है, बल्कि उनकी पहचान, संस्कृति और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है। आंदोलन में शामिल लोगों ने कहा कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन विकास के नाम पर किसानों और आदिवासियों की जमीन छीनना उचित नहीं है। उनका कहना है कि सरकार को ऐसी जगह का चयन करना चाहिए जहां किसी की आजीविका प्रभावित न हो।
मुख्यमंत्री तक पहुंचाना चाहते हैं अपनी बात
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे अपनी मांगों को सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंचाना चाहते हैं। इसी उद्देश्य से मुख्यमंत्री आवास तक मार्च निकाला गया था। हालांकि प्रशासन ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए उन्हें कांके के ब्लॉक चौक के पास ही रोक दिया।
इस दौरान आंदोलनकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच बातचीत भी हुई। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील की और उनकी बात संबंधित स्तर तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।
खेतों के रास्ते भी संघर्ष जारी रखने की चेतावनी
आंदोलनकारियों ने स्पष्ट कहा कि यदि उन्हें सड़क मार्ग से आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जाती है तो वे अन्य लोकतांत्रिक तरीकों से अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाएंगे। उनका कहना है कि वे किसान हैं और अपनी जमीन बचाने के लिए हर संभव शांतिपूर्ण संघर्ष करेंगे।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि जमीन बचाने की लड़ाई किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ी जाएगी।
क्षेत्र में बढ़ाई गई सुरक्षा व्यवस्था
स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखते हुए प्रदर्शनकारियों की बात सुनी जा रही है।
