राष्ट्रीय ट्रैक साइक्लिंग चैंपियनशिप का भव्य समापन, झारखंड की सरिता कुमारी ने जीते तीन पदक
रांची: खेलगांव स्थित सिदो-कान्हू वेलोड्रोम स्टेडियम में आयोजित राष्ट्रीय ट्रैक साइक्लिंग चैंपियनशिप का भव्य समापन हुआ। प्रतियोगिता में झारखंड की सरिता कुमारी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दो रजत और एक कांस्य पदक अपने नाम किया। इस तरह झारखंड को कुल तीन पदक मिले। वहीं, 13 स्वर्ण पदकों के साथ राजस्थान ओवरऑल चैंपियन बना, जबकि 10 स्वर्ण पदक जीतकर रेलवे की टीम उपविजेता रही।
भारतीय साइकिलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया और झारखंड साइकिलिंग संघ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस प्रतियोगिता में 78वीं सीनियर महिला एवं पुरुष, 55वीं जूनियर तथा 34वीं सब-जूनियर बालक-बालिका राष्ट्रीय ट्रैक साइक्लिंग चैंपियनशिप के मुकाबले हुए। प्रतियोगिता के छठे दिन समापन समारोह आयोजित किया गया।
सरिता कुमारी ने बढ़ाया झारखंड का मान
झारखंड की सरिता कुमारी ने प्रतियोगिता में बेहतरीन प्रदर्शन कर राज्य को गौरवान्वित किया। उन्होंने दो रजत और एक कांस्य पदक जीतकर कुल तीन पदक झारखंड की झोली में डाले। राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता में उनका प्रदर्शन राज्य के साइक्लिंग खिलाड़ियों के लिए उत्साहवर्धक रहा।
राजस्थान बना ओवरऑल चैंपियन, रेलवे उपविजेता
प्रतियोगिता में राजस्थान की टीम ने 13 स्वर्ण पदकों के साथ ओवरऑल चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम किया। वहीं, रेलवे की टीम 10 स्वर्ण पदकों के साथ उपविजेता बनी। समापन समारोह में मुख्य अतिथियों ने पदक विजेता खिलाड़ियों को मेडल, मोमेंटो और चैंपियन जर्सी प्रदान कर सम्मानित किया।
मंत्री और सांसद ने खिलाड़ियों को किया सम्मानित
समापन समारोह में झारखंड सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के मंत्री योगेंद्र प्रसाद मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। राजमहल लोकसभा क्षेत्र के सांसद विजय हांसदा भी समारोह में शामिल हुए। इसके अलावा साइकिलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के चेयरमैन सरदार ओमकार सिंह सहित झारखंड ओलंपिक संघ के शिवेंद्र दुबे, चंचल भट्टाचार्य, निशिकांत पाठक और झारखंड साइकिलिंग संघ के पदाधिकारी मौजूद रहे।
अतिथियों ने विजेता और पदक विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित किया तथा उनके प्रदर्शन की सराहना की।
आयोजन की सफलता में संघ के पदाधिकारियों का योगदान
प्रतियोगिता के सफल आयोजन में झारखंड साइकिलिंग संघ के महासचिव शैलेन्द्र पाठक, कोषाध्यक्ष रणवीर सिंह, उपाध्यक्ष सुरजीत कुमार, दिलीप गुप्ता, जितेंद्र महतो, चंद्र बहादुर सिंह, राजकुमार मेहता और मोहम्मद फरीद सहित अन्य पदाधिकारियों एवं सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता के सफल आयोजन से रांची को एक बार फिर बड़े खेल आयोजन के केंद्र के रूप में पहचान मिली।
