मोदी ने वैश्विक संकटों पर जताई चिंता, नीदरलैंड में सूरीनामी-हिंदुस्तानी समुदाय रहा आकर्षण का केंद्र

नीदरलैंड दौरे पर पहुंचे भारत के प्रधानमंत्री ने द हेग में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए दुनिया के मौजूदा हालात पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आज मानवता कई बड़ी चुनौतियों का सामना कर रही है और यह दशक आपदाओं का दशक बनता जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया पहले कोरोना महामारी, फिर युद्धों और अब ऊर्जा संकट से जूझ रही है। यदि समय रहते हालात नहीं बदले तो पिछले कई दशकों में हुई प्रगति पर असर पड़ेगा और दुनिया की बड़ी आबादी फिर से गरीबी के दलदल में फंस सकती है।
इस दौरान नीदरलैंड में रहने वाला सूरीनामी-हिंदुस्तानी समुदाय भी खास चर्चा में रहा। यह समुदाय उन भारतीयों के वंशजों से जुड़ा है जिन्हें लगभग 153 वर्ष पहले बिहार, उत्तर प्रदेश और बंगाल से मजदूरी के लिए सूरीनाम भेजा गया था। बाद में बड़ी संख्या में ये परिवार नीदरलैंड में आकर बस गए।
आज भी यह समुदाय अपनी भारतीय संस्कृति, भाषा और परंपराओं को सहेजकर रखे हुए है। द हेग में रहने वाले कई लोग अब भी भोजपुरी और अवधी से विकसित “सरनामी” भाषा बोलते हैं। भारतीय संगीत, भजन और भोजपुरी गीत यहां बेहद लोकप्रिय हैं।
प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत में समुदाय के लोगों ने कथक, गरबा और भोजपुरी गीतों की प्रस्तुति देकर भारतीय संस्कृति की झलक दिखाई। बताया जाता है कि वर्तमान में करीब दो लाख सूरीनामी-हिंदुस्तानी लोग नीदरलैंड में रहते हैं और उन्हें यूरोप में भारतीय मूल का सबसे पुराना बड़ा समुदाय माना जाता है।

