विधायक प्रदीप यादव ने मुख्यमंत्री से उठाए दो अहम मुद्दे, परसपानी होम्योपैथिक कॉलेज और सहायक आचार्य भर्ती पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश

रांची/गोड्डा। पोड़ैयाहाट विधायक एवं कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात कर राज्य के दो महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। इनमें गोड्डा के परसपानी स्थित स्टेट होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज की मान्यता और जेएसएससी सहायक आचार्य (पारा शिक्षक) भर्ती में ओबीसी आरक्षण से जुड़ी विसंगति शामिल रही। मुख्यमंत्री ने दोनों मामलों में संबंधित अधिकारियों को शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए।
परसपानी होम्योपैथिक कॉलेज की कमियां एक माह में दूर होंगी
प्रदीप यादव ने मुख्यमंत्री को बताया कि गोड्डा जिले के परसपानी स्थित राज्य के एकमात्र स्टेट होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज (बीएचएमएस) को राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग (एनसीएच) की ओर से फैकल्टी और उपकरणों की कमी दूर करने के लिए 30 दिनों का समय दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सचिव को निर्देश दिया कि 8 जून 2026 को आयोजित फैकल्टी चयन साक्षात्कार का परिणाम जल्द जारी करते हुए सात दिनों के भीतर नियुक्ति प्रक्रिया पूरी की जाए। साथ ही, गोड्डा के उपायुक्त को डीएमएफटी फंड से आवश्यक उपकरण एवं संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। बताया गया कि सभी कमियां दूर होने के बाद एनसीएच को इसकी सूचना भेजी जाएगी, ताकि कॉलेज की मान्यता पर कोई संकट न आए।
सहायक आचार्य भर्ती में ओबीसी आरक्षण की होगी पुनर्गणना
बैठक में जेएसएससी द्वारा जारी प्रशिक्षित सहायक आचार्य (पारा शिक्षक) संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2026 में ओबीसी आरक्षण को लेकर भी चर्चा हुई। प्रदीप यादव ने मुख्यमंत्री के समक्ष कहा कि 6,101 पदों की भर्ती में 14 प्रतिशत आरक्षण के अनुसार ओबीसी वर्ग को 814 पद मिलने चाहिए थे, जबकि विज्ञापन में केवल 209 पद (ईबीसी-1 के 62 और बीसी-2 के 147) निर्धारित किए गए हैं।
उन्होंने आशंका जताई कि सामान्य श्रेणी में चयनित ओबीसी अभ्यर्थियों को भी ओबीसी कोटे में जोड़ देने के कारण आरक्षित पदों की संख्या कम हो गई है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य सचिव को निर्देश दिया कि पूरे प्रकरण की दोबारा गणना कराई जाए और विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए, ताकि यदि कोई त्रुटि हुई है तो उसका शीघ्र सुधार किया जा सके।
इस अवसर पर विधायक प्रदीप यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री ने दोनों मामलों में सकारात्मक पहल करते हुए त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं, जिससे परसपानी होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज की मान्यता सुरक्षित रखने और सहायक आचार्य भर्ती में आरक्षण संबंधी विसंगतियों के समाधान का मार्ग प्रशस्त होगा।
