रांची

झारखंड को मत्स्य उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाना सरकार की प्राथमिकता : शिल्पी नेहा तिर्की

शिल्पी

Ranchi : कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने शुक्रवार को रातू स्थित अत्याधुनिक मत्स्य परियोजना का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य झारखंड को मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है और इस दिशा में लगातार ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। मंत्री ने कहा कि झारखंड में मत्स्य उद्योग के विकास की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। सरकार ऐसी योजनाओं पर काम कर रही है, जिनसे किसानों और युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।

उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक आधारित मत्स्य परियोजनाएं उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देंगी। इसी सोच के तहत राज्य सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष के बजट में बायोफ्लॉक तालाब योजना और फिश मार्केट शेड योजना को शामिल किया है, ताकि मछली उत्पादन के साथ उसकी बिक्री और विपणन व्यवस्था को भी बेहतर बनाया जा सके।

शिल्पी नेहा तिर्की ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में झारखंड का मत्स्य उत्पादन करीब 3.81 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच गया है। वहीं मत्स्य बीज उत्पादन में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि चांडिल, मैथन, तेनुघाट, कोनार, मसानजोर और तिलैया जलाशयों में केज कल्चर के जरिए उत्पादन में लगातार वृद्धि हो रही है।

निरीक्षण के दौरान मंत्री ने युवा उद्यमियों द्वारा संचालित किंग फिशरीज के एकीकृत मत्स्य मॉडल का जायजा लिया। उन्होंने बायोफ्लॉक टैंक, हैचरी, फीड प्लांट और आधुनिक मत्स्य तकनीकों का अवलोकन किया। इस मौके पर मत्स्य निदेशक अमरेंद्र कुमार समेत विभाग के कई अधिकारी उपस्थित रहे।

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