रवि योग में हरियाली तीज का व्रत 27 जुलाई को, व्रती महिलाओं को मिलेगा अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद
रांची, 22 जुलाई — इस वर्ष हरियाली तीज का पर्व 27 जुलाई को रवि योग और मघा नक्षत्र के विशेष संयोग में मनाया जाएगा। यह योग सभी कार्यों के लिए शुभ और बाधारहित माना जाता है, जिससे इस बार का तीज व्रत और भी फलदायक हो जाएगा।
पंचांग के अनुसार तिथि निर्धारण
आचार्य मनोज पांडेय ने जानकारी देते हुए बताया कि पंचांग के अनुसार तृतीया तिथि 26 जुलाई की रात 11:08 बजे से शुरू होकर 27 जुलाई की रात 11:10 बजे तक रहेगी। चूंकि उदया तिथि 27 जुलाई को है, इसलिए हरियाली तीज का व्रत इसी दिन रखा जाएगा।
महिलाओं के लिए विशेष पर्व
यह व्रत सावन माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को रखा जाता है और भगवान शिव व माता पार्वती के पुनर्मिलन की स्मृति में मनाया जाता है। सुहागिन महिलाएं इस दिन हरे वस्त्र, हरी चूड़ियां, सोलह श्रृंगार कर भगवान शिव, माता पार्वती और गणेश जी की पूजा करती हैं। इस दिन व्रत रखने से पति की लंबी आयु और अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
मघा नक्षत्र और रवि योग का संयोग
इस बार तीज के दिन मघा नक्षत्र और रवि योग दोनों का संयोग बन रहा है। आचार्य पांडेय के अनुसार, मघा नक्षत्र उन्नति, प्रगति और स्वास्थ्य का प्रतीक है और रवि योग सत्कर्म व ईश्वर भक्ति के लिए श्रेष्ठ माना जाता है। इस योग में किया गया व्रत कई गुना फल प्रदान करता है।
विधि और पूजन की विशेषता
इस दिन महिलाएं:
- शिव जी का पंचामृत से अभिषेक करती हैं।
- दुर्गा सप्तशती के 11वें अध्याय का पाठ करती हैं।
- 108 नामों से दुर्गा जी की आराधना करती हैं।
- संतान प्राप्ति और परिवार की उन्नति के लिए बेलपत्र अर्पण करती हैं।
पौराणिक मान्यता
पौराणिक कथा के अनुसार, माता पार्वती ने 107 जन्मों तक तपस्या करने के बाद भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त किया था। इस व्रत को करने से स्त्री को सुखी वैवाहिक जीवन और पति की दीर्घायु का वरदान मिलता है। साथ ही यह व्रत शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को भी संबल प्रदान करता है।
इस दिन महिलाएं सावन के गीत गाकर, मेहंदी लगाकर और पारंपरिक श्रृंगार कर उत्सव को आनंदपूर्वक मनाती हैं।
