झारखंड स्कूल प्रतिभा खोज 2026: गायन और नृत्य प्रतियोगिता में छात्राओं का उत्साह, जागरूकता वैन रवाना
राँची, 15 अक्टूबर 2026। झारखंड में स्कूली विद्यार्थियों की प्रतिभा को मंच प्रदान करने के उद्देश्य से आयोजित झारखंड स्कूल प्रतिभा खोज 2026 – झारखंड स्कूल आइडल: सुर और ताल संग्राम के तहत राज्य के विभिन्न जिलों में जिला स्तरीय चयन प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। गुरुवार को राँची, हजारीबाग, दुमका, कोडरमा और खूंटी समेत कई जिलों में आयोजित कार्यक्रमों में विद्यार्थियों ने गायन और नृत्य की विभिन्न विधाओं में उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता में विशेष रूप से छात्राओं का जोश और उत्साह देखने को मिला।
गायन और नृत्य में विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा
स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, झारखंड सरकार के अंतर्गत झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद् की ओर से पहली बार आयोजित इस प्रतियोगिता में सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और निजी विद्यालयों के विद्यार्थी अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों की रचनात्मकता, आत्मविश्वास और कलात्मक क्षमताओं को प्रोत्साहित करना है।
जागरूकता अभियान के तहत रवाना की गई वैन
प्रतियोगिता के व्यापक प्रचार-प्रसार और अधिक से अधिक विद्यार्थियों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में परियोजना निदेशक शशि रंजन और राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी धीरसेन ए. सोरेंग के नेतृत्व में जागरूकता वैन रवाना की गई है। इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
16 अक्टूबर तक होगा जिला स्तरीय चयन
झारखंड स्कूल प्रतिभा खोज 2026 में कक्षा 6 से 8 तथा कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थी हिस्सा ले रहे हैं। जिला स्तरीय चयन प्रक्रिया की अंतिम तिथि 16 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है।
जिला स्तर पर चयनित प्रतिभागियों को प्रमंडल स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेने का अवसर मिलेगा। इसके बाद प्रमंडल स्तर से चयनित विद्यार्थी राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।
विद्यार्थियों की प्रतिभा को मिलेगा उचित मंच
झारखंड स्कूल आइडल–सुर और ताल संग्राम राज्य के विद्यार्थियों की छिपी हुई प्रतिभा को सामने लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ाने, रचनात्मक अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करने और राज्य की कला एवं सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति रुचि विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।
इस प्रतियोगिता से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा पहचानने और उसे राज्य स्तर तक प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।
