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जमशेदपुर की शांभवी ने रचा इतिहास, CISCE 12वीं में 100% अंक के साथ बनी नेशनल टॉपर

Jamshedpur : जमशेदपुर शहर के शैक्षणिक इतिहास में गुरुवार को एक सुनहरा पन्ना जुड़ गया। CISCE की 12वीं (ISC) बोर्ड परीक्षा में सेक्रेड हार्ट कॉन्वेंट स्कूल की छात्रा शांभवी तिवारी ने शत-प्रतिशत अंक हासिल कर देशभर में पहला स्थान प्राप्त किया। इस उपलब्धि से उन्होंने न सिर्फ अपने स्कूल और परिवार, बल्कि पूरे झारखंड का नाम रोशन कर दिया। जैसे ही परीक्षा परिणाम घोषित हुआ, शांभवी के घर और स्कूल में खुशी की लहर दौड़ गई। परिजनों, शिक्षकों और दोस्तों ने मिठाइयां बांटकर इस बड़ी सफलता का जश्न मनाया। स्कूल प्रबंधन ने इसे गर्व का क्षण बताते हुए कहा कि शांभवी की उपलब्धि आने वाले छात्रों के लिए प्रेरणा बनेगी।

डॉक्टर बनने का लक्ष्य, अब NEET पर फोकस

शांभवी का सपना शुरू से ही डॉक्टर बनने का रहा है। इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए वह 3 मई को होने वाली NEET में शामिल होंगी। बोर्ड परीक्षा की तैयारी के साथ-साथ उन्होंने नीट की तैयारी भी पूरी लगन से की और नियमित मॉक टेस्ट देकर खुद को तैयार किया।

शिक्षा से जुड़ा है पूरा परिवार

शांभवी के पिता राकेश रमन All India Radio में प्रोग्राम एग्जीक्यूटिव हैं, जबकि उनकी मां निभा सिन्हा St. Mary English High School में पीजीटी केमिस्ट्री शिक्षिका हैं। घर का शैक्षणिक माहौल ही उनकी सफलता की मजबूत नींव बना।

अनुशासन और मेहनत बनी सफलता की कुंजी

शांभवी के पिता बताते हैं कि वह बचपन से ही अनुशासित और आत्मनिर्भर रही हैं। उन्होंने कभी पढ़ाई के लिए दबाव नहीं बनाया, बल्कि शांभवी खुद ही अपनी पढ़ाई को लेकर गंभीर रहती थीं।
वह रोज करीब 9 घंटे पढ़ाई करती थीं। स्कूल से लौटने के बाद नियमित पढ़ाई और छुट्टी के दिनों में सुबह से ही तैयारी में जुट जाना उनकी दिनचर्या का हिस्सा था।

सेल्फ स्टडी और फोकस से मिली सफलता

अपनी तैयारी के दौरान शांभवी ने सेल्फ स्टडी को सबसे ज्यादा महत्व दिया। उन्होंने सोशल मीडिया से दूरी बनाकर पूरा ध्यान पढ़ाई पर केंद्रित रखा। उनके पिता का कहना है कि हर छात्र को अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार विषय चुनकर पूरी ईमानदारी से मेहनत करनी चाहिए।

सफलता का श्रेय परिवार और शिक्षकों को

अपनी इस बड़ी उपलब्धि पर शांभवी ने इसका श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों और स्कूल के सहयोगी माहौल को दिया। उनका मानना है कि सही मार्गदर्शन, अनुशासन और निरंतर अभ्यास से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

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