जमशेदपुर केनरा बैंक लूटकांड में चतरा कनेक्शन, चार संदिग्ध हिरासत में
रांची: जमशेदपुर के गोलमुरी स्थित केनरा बैंक में दिनदहाड़े हुई करोड़ों रुपये की सोना और नकदी लूट के मामले में अब चतरा कनेक्शन सामने आया है। चतरा पुलिस ने जिले के अलग-अलग इलाकों में कार्रवाई करते हुए चार संदिग्धों को हिरासत में लिया है। पूछताछ के दौरान पुलिस को बैंक लूटकांड से जुड़े कई अहम सुराग मिलने की जानकारी सामने आई है।
दो संदिग्धों का मुख्य आरोपी से संपर्क
पुलिस सूत्रों के अनुसार, हिरासत में लिए गए चार संदिग्धों में से दो के जमशेदपुर बैंक लूटकांड के मुख्य आरोपी के साथ लगातार संपर्क में रहने की जानकारी मिली है। हालांकि, बैंक लूट की वारदात में इन संदिग्धों की वास्तविक भूमिका क्या थी और उनका अन्य आरोपियों से किस तरह का संबंध है, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
चतरा पुलिस ने पूछताछ के बाद चारों संदिग्धों को जमशेदपुर पुलिस के हवाले कर दिया है। अब जमशेदपुर पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि संदिग्धों का फरार आरोपियों से क्या संपर्क था और बैंक लूट की घटना से उनका किस स्तर तक संबंध रहा है।
24 सितंबर को बैंक में हुई थी करोड़ों की लूट
गौरतलब है कि 24 सितंबर की सुबह जमशेदपुर के गोलमुरी चौक के पास स्थित केनरा बैंक में हथियारबंद अपराधियों ने लूट की वारदात को अंजाम दिया था। बताया गया है कि बारिश के दौरान रेनकोट पहनकर पांच अपराधी बैंक में दाखिल हुए और हथियार के बल पर बैंककर्मियों को बंधक बना लिया।
इसके बाद अपराधियों ने करीब 24 मिनट के भीतर बैंक के आयरन चेस्टर और सेफ में रखे सोने के पैकेट और नकदी को लूट लिया। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी दो बाइक से मौके से फरार हो गए।
करीब 23 किलो सोना और 43 लाख रुपये नकद लूटे
पुलिस के अनुसार, अपराधी करीब 600 पैकेट में रखे लगभग 23 किलोग्राम सोना और 43 लाख रुपये नकद लेकर फरार हुए थे। लूटे गए सोने की अनुमानित कीमत करीब 36 करोड़ रुपये बताई गई है। इस घटना के बाद जमशेदपुर पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी और लूटे गए सामान की बरामदगी के लिए जांच तेज कर दी है।
20 अधिकारियों की एसआईटी कर रही जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए जमशेदपुर पुलिस ने करीब 20 अधिकारियों की विशेष जांच टीम (SIT) गठित की है। पुलिस अलग-अलग जिलों में संदिग्धों और संभावित सहयोगियों की गतिविधियों की जांच कर रही है।
चतरा से हिरासत में लिए गए चार संदिग्धों से पूछताछ के बाद पुलिस को लूटकांड से जुड़े नेटवर्क और फरार आरोपियों तक पहुंचने में मदद मिलने की उम्मीद है। फिलहाल पुलिस संदिग्धों की भूमिका, मुख्य आरोपियों से उनके संपर्क और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
