धनबाद

धनबाद में 12 एकड़ पर बनेगा अंतरराज्यीय बस टर्मिनल, लंबित परियोजना पर लगी ब्रेक हटी

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Dhanbad : झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने अबुआ दिशोम बजट में धनबाद के लिए एक बड़ी घोषणा की है। सरकार ने 12 एकड़ जमीन पर अंतरराज्यीय बस टर्मिनल बनाने का प्रावधान किया है। यह लंबे समय से लंबित परियोजना अब हरी झंडी मिलने के बाद जल्द ही धरातल पर उतरेगी। नए टर्मिनल से धनबाद और आसपास के जिलों की यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है।

लिलोरी मंदिर के पास बनेगा नया बस टर्मिनल

प्रस्तावित टर्मिनल का निर्माण कतरास स्थित लिलोरी मंदिर के पास किया जाएगा। 12 एकड़ जमीन, जो एनएच-32 के पास है, पर यह आधुनिक टर्मिनल विकसित किया जाएगा। नगर निगम को यह जमीन पहले ही स्थानांतरित की जा चुकी थी, लेकिन बजट स्वीकृति न होने के कारण योजना अटकी हुई थी। बजट में शामिल होने के बाद अब जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।

राष्ट्रीय राजमार्ग से बेहतर कनेक्टिविटी

नई बस टर्मिनल स्थल राजगंज स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग-2 से मात्र चार किलोमीटर की दूरी पर है। यह मार्ग कोलकाता और नई दिल्ली जैसी बड़ी शहरों से सीधे जुड़ता है। वर्तमान बरटांड़ बस स्टैंड से प्रस्तावित टर्मिनल की दूरी लगभग 20 किलोमीटर होगी। नए टर्मिनल के बनने से शहर के भीड़भाड़ वाले हिस्सों में लंबी दूरी की बसों का दबाव कम होगा और यातायात सुगम बनेगा।

आसपास के जिलों को मिलेगा लाभ

इस आधुनिक अंतरराज्यीय बस टर्मिनल से बोकारो, पुरुलिया और आसपास के जिलों से धनबाद की सीधी कनेक्टिविटी स्थापित होगी। यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और बसों का संचालन अधिक व्यवस्थित तरीके से होगा। इससे क्षेत्रीय परिवहन व्यवस्था में सुधार होगा और यात्रियों का समय भी बचेगा।

व्यावसायिक गतिविधियों और रोजगार में वृद्धि

टर्मिनल बनने से कतरास, श्यामडीह, काको और राजगंज क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ेंगी। होटल, रेस्टोरेंट, दुकानें और अन्य सेवा क्षेत्र से जुड़े कारोबार को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही हजारों लोगों के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। सरकार का मानना है कि यह परियोजना न केवल धनबाद की यातायात व्यवस्था को आधुनिक बनाएगी, बल्कि क्षेत्रीय आर्थिक विकास को भी नई गति देगी।

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