IG मनोज कौशिक का निर्देश- 3 साल से जमे प्रधान लिपिक, लेखापाल और कैश ऑर्डली का होगा तबादला

Ranchi : रांची के जोनल आईजी मनोज कौशिक ने रांची, जमशेदपुर समेत कई जिलों में लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थापित प्रधान लिपिक, लेखापाल और कैश ऑर्डली के तबादले का निर्देश दिया है। आईजी कार्यालय की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि कई जिलों में ये कर्मचारी 3 वर्ष या उससे अधिक समय से एक ही शाखा या कार्यालय में पदस्थापित हैं, जो प्रशासनिक दृष्टिकोण से उचित नहीं है।
आईजी मनोज कौशिक ने अपने पत्र में साफ कहा है कि लंबे समय तक एक ही जगह रहने से कर्मचारी कार्य में गंभीरता नहीं दिखाते और कई बार उनके द्वारा की जा रही लापरवाही का पता भी नहीं चल पाता। ऐसे में प्रशासनिक पारदर्शिता और कार्यकुशलता बनाए रखने के लिए स्थान परिवर्तन जरूरी है।
3 साल से ज्यादा एक ही जगह पदस्थापित कर्मियों का तबादला अनिवार्य
पत्र में निर्देश दिया गया है कि जिन जिलों में प्रधान लिपिक, लेखापाल या कैश ऑर्डली एक ही स्थान पर तीन साल या उससे अधिक अवधि से कार्यरत हैं, उनका तत्काल स्थान परिवर्तन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही इसका अनुपालन रिपोर्ट भी भेजने को कहा गया है।
एक ही व्यक्ति को दो जिम्मेदारी देना गलत
आईजी ने यह भी उल्लेख किया है कि कुछ जिलों में हेड क्लर्क और अकाउंटेंट दोनों का प्रभार एक ही लिपिक को दिया गया है। आईजी के अनुसार यह व्यवस्था नियमों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति के पास दोनों जिम्मेदारी होने से काम में त्रुटि और लापरवाही की संभावना बढ़ जाती है, जिससे वित्तीय अनियमितता की स्थिति भी बन सकती है।
अलग-अलग कर्मचारी की तैनाती का आदेश
आईजी ने निर्देश दिया है कि यदि किसी जिले में प्रधान लिपिक और अकाउंटेंट का काम एक ही कर्मचारी कर रहा है, तो तुरंत अलग-अलग लिपिकों को उन पदों पर तैनात किया जाए। इसके बाद संबंधित रिपोर्ट भी उच्च कार्यालय को भेजी जाए।
प्रधान लिपिक नहीं हो तो पुलिस मुख्यालय से पत्राचार
पत्र में यह भी कहा गया है कि यदि किसी जिले में प्रधान लिपिक उपलब्ध नहीं है, तो नियमानुसार पुलिस मुख्यालय, झारखंड, रांची से पत्राचार कर पदस्थापन की मांग की जाए।
किन जिलों को भेजा गया आदेश
यह पत्र रांची और जमशेदपुर के एसएसपी के अलावा गुमला, लोहरदगा, सिमडेगा, खूंटी, सरायकेला-खरसावां और चाईबासा के एसपी को भेजा गया है। वहीं रांची और कोल्हान के रेंज डीआईजी को भी सूचना दी गई है और अपने स्तर से अनुपालन सुनिश्चित कराने को कहा गया है।
