भ्रष्ट और गालीबाज अफसरों के लिए कानून ही बना दें हेमंत जी : बाबूलाल मरांडी

रांचीः पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर तंज कस द्वारा एक विवादित पुलिस अधिकारी का कथित तौर पर समर्थन किए जाने पर तीखा हमला बोला। उन्होनें कहा कि यदि सरकार को भ्रष्ट और बदतमीज अधिकारी इतने ही प्रिय हैं, तो उन्हें विधानसभा में बाकायदा बिल लाकर गाली-गलौज को कानूनी मान्यता दे देनी चाहिए।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए मरांडी ने मुख्यमंत्री को आड़े हाथों लेते हुए तंज कसा कि झामुमो हैंडल के दिहाड़ी इंटर्न्स अपनी रोजी-रोटी के लिए कुछ भी लिखें यह तो समझ आता है, लेकिन जब सूबे के मुख्यमंत्री उसे रीट्वीट करते हैं, तो वह उस अभद्रता का आधिकारिक सर्टिफिकेट बन जाता है।
उन्होंने मुख्यमंत्री को चुनौती देते हुए कहा कि घुमा-फिराकर बात करने के बजाय राज्य सरकार को अब ‘भ्रष्टाचार और गाली-गलौज’ का एक नया कानून ही बना देना चाहिए, जिसमें पुलिस को जनता का शोषण करने और उन्हें मां-बहन की गाली देने की पूरी छूट हो, ताकि जो काम अभी पीठ पीछे हो रहा है उसे कम से कम ‘ऑफिशियल’ होने की औपचारिकता तो मिल सके।
बाबूलाल मरांडी ने स्पष्ट किया कि गालीबाज अधिकारियों को केवल पद से हटा देना कोई सजा नहीं है, बल्कि उन्हें ऐसा कड़ा सबक सिखाने की जरूरत है कि भविष्य में कोई भी जनसेवक या प्रशासनिक अधिकारी जनता के साथ ऐसी बदतमीजी करने की जुर्रत न कर सके। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में यह भी जोड़ा कि यदि हेमंत सरकार ऐसा कोई नया कानून लाती है, तो वे उसका ‘ऐतिहासिक स्वागत’ करने के लिए तैयार हैं।
