सुरक्षा विवाद पर बोले स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी, कहा- वित्त मंत्री को मुख्यमंत्री से करनी चाहिए थी बात

रांची: झारखंड सरकार के मंत्रियों के बीच सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मतभेद अब सार्वजनिक रूप से सामने आने लगे हैं। राज्य के वित्त मंत्री द्वारा अपनी सुरक्षा वापस किए जाने के फैसले के बाद स्वास्थ्य मंत्री Irfan Ansari ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस संवेदनशील मुद्दे को मीडिया में उठाने के बजाय मुख्यमंत्री के समक्ष रखा जाना चाहिए था।
मुख्यमंत्री से करनी चाहिए थी चर्चा
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि वित्त मंत्री राज्य के वरिष्ठ और अनुभवी नेताओं में से एक हैं। ऐसे में सुरक्षा जैसे गंभीर विषय पर उन्हें सीधे Jharkhand Police के महानिदेशक (डीजीपी) को पत्र लिखने या मामले को सार्वजनिक करने के बजाय मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपनी बात रखनी चाहिए थी।
उन्होंने कहा कि हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री समेत सभी वरिष्ठ मंत्री मौजूद थे। यदि वित्त मंत्री को अपनी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कोई शिकायत थी तो उस मंच पर इस मुद्दे पर चर्चा की जा सकती थी।
सुरक्षा व्यवस्था पर जताई चिंता
हालांकि स्वास्थ्य मंत्री ने वित्त मंत्री की सुरक्षा को लेकर चिंता को भी उचित बताया। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री जिस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं, वह नक्सल प्रभावित इलाका है। ऐसे में उनकी सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता।
इरफान अंसारी ने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि सभी जनप्रतिनिधियों को आवश्यक सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए और सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की चूक नहीं होनी चाहिए।
सुरक्षा वापस भेजने के बाद बढ़ी सियासी चर्चा
गौरतलब है कि झारखंड के वित्त मंत्री ने हाल ही में अपनी सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मियों को वापस भेज दिया था। इसके साथ ही उन्होंने डीजीपी को पत्र लिखकर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अपनी नाराजगी भी व्यक्त की थी।
इस घटनाक्रम के बाद राज्य के राजनीतिक गलियारों में सुरक्षा व्यवस्था और सरकार के भीतर समन्वय को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। वहीं स्वास्थ्य मंत्री के बयान के बाद इस मुद्दे ने नया राजनीतिक मोड़ ले लिया है।
