वोटिंग डे पर फुल मॉनिटरिंग, हर दो घंटे में रिपोर्ट देना अनिवार्य…जानें डिटेल्स

Ranchi : झारखंड में नगर निकाय चुनाव के तहत 23 फरवरी को मतदान होना है। इसको लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने कड़ी व्यवस्था लागू कर दी है। मतदान के दिन जिला निर्वाचन पदाधिकारियों (DC) को हर दो घंटे पर रिपोर्ट राज्य निर्वाचन आयोग को भेजनी होगी।
रिपोर्टिंग की पूरी चेन तय
हर निर्वाचन क्षेत्र के निर्वाची पदाधिकारी पहले अपनी रिपोर्ट जिला निर्वाचन पदाधिकारी को देंगे। इसके बाद जिला स्तर से पूरी जानकारी राज्य निर्वाचन आयोग को भेजी जाएगी। यानी हर दो घंटे पर बूथ से लेकर राज्य स्तर तक अपडेट पहुंचेगा।
11 बिंदुओं पर देनी होगी जानकारी
आयोग ने साफ निर्देश दिया है कि रिपोर्ट तय प्रपत्र में ही भेजी जाए। कुल 11 बिंदु तय किए गए हैं, जिनमें मौसम की स्थिति से लेकर मतदान बहिष्कार, कानून-व्यवस्था और किसी भी तरह की गड़बड़ी की जानकारी शामिल होगी।
शिकायत पर तुरंत एक्शन
अगर मतदान के दौरान हिंसा, उत्पात, प्राकृतिक आपदा या किसी और वजह से मतदान बाधित होता है, तो इसकी जानकारी तुरंत देनी होगी। अगर बैलेट बॉक्स या बैलेट पेपर को गैरकानूनी तरीके से छीना गया, उसमें छेड़छाड़ की गई, नष्ट करने की कोशिश हुई या गायब किया गया, तो इसे मतदान दूषित माना जाएगा और इसकी रिपोर्ट तत्काल आयोग को देनी होगी।
बूथ कब्जा या जबरन वोटिंग पर खास नजर
अगर किसी व्यक्ति या समूह द्वारा बलपूर्वक वोट डाले जाते हैं या मतदान केंद्र पर कब्जा किया जाता है, तो इसकी सूचना तुरंत भेजनी होगी।
90% से ज्यादा मतदान भी जांच के दायरे में
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि अगर किसी बूथ पर 90 प्रतिशत से ज्यादा मतदान होता है, तो वह संदेह के दायरे में आएगा। ऐसे बूथों की विशेष रिपोर्ट भेजनी होगी।
चुनावी माहौल में सख्ती
चुनाव प्रक्रिया के दौरान किसी गंभीर आरोप, शिकायत या विधि-व्यवस्था भंग होने की स्थिति में भी जानकारी अनिवार्य रूप से देनी होगी। साथ ही अगर पोलिंग पार्टी की गलती या अनियमितता से चुनाव प्रभावित होता है, तो उसकी भी रिपोर्ट देनी होगी। कुल मिलाकर आयोग इस बार कोई जोखिम नहीं लेना चाहता। हर दो घंटे की रिपोर्टिंग से साफ है कि मतदान प्रक्रिया पर कड़ी नजर रखी जाएगी और किसी भी गड़बड़ी पर तुरंत कार्रवाई होगी।
