रांची से लापता हुए चार बच्चे मिले, सुखदेवनगर पुलिस ने सही सलामत खोज निकाला

Ranchi : राजधानी रांची में शुक्रवार शाम उस वक्त हड़कंप मच गया था, जब मधुकम रोड नंबर-05 से एक साथ चार बच्चों के गायब होने की खबर सामने आई थी। परिवार वाले पहले तो इसे सामान्य समझते रहे, लेकिन जैसे-जैसे रात गहराती गई, घर का माहौल घबराहट में बदल गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि सुखदेवनगर थाना की पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए चारों बच्चों को सकुशल खोज निकाला।
घूमने निकले थे, लेकिन देर रात तक नहीं लौटे
परिजनों के मुताबिक, चारों बच्चे शुक्रवार शाम घर से यह कहकर निकले थे कि थोड़ी देर में घूमकर वापस आ जाएंगे। पहले तो घरवालों को लगा कि बच्चे आसपास ही होंगे और जल्द लौट आएंगे। लेकिन रात काफी हो जाने के बाद भी जब बच्चे घर नहीं पहुंचे, तो चिंता बढ़ने लगी। फोन पर संपर्क की कोशिश भी नाकाम रही। इसके बाद परिवार वालों के होश उड़ गए।
रिश्तेदारों से लेकर दोस्तों तक, हर जगह तलाश
बच्चों के गायब होने की खबर मिलते ही परिजनों ने खुद ही खोजबीन शुरू कर दी। आसपास की गलियों, पार्क, बाजार और रिश्तेदारों के घर तक पूछताछ की गई। दोस्तों के घर भी जाकर जानकारी ली गई, लेकिन कहीं से कोई ठोस सुराग नहीं मिला। आखिरकार थक-हारकर परिवार ने स्थानीय थाने में सूचना दी।
पुलिस हुई अलर्ट, CCTV फुटेज खंगाले
सूचना मिलते ही सुखदेवनगर थाना की टीम तुरंत सक्रिय हो गई। पुलिस ने इलाके के कई सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। आसपास के बाजार, मुख्य सड़क और चौराहों के कैमरों को भी खंगाला गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हर एंगल से मामले की जांच की गई। बच्चों की उम्र, उनके दोस्तों और संभावित स्थानों की जानकारी जुटाकर टीम ने लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया।
सकुशल बरामद हुए चारों बच्चे
काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने चारों बच्चों को सुरक्षित बरामद कर लिया। बताया जा रहा है कि बच्चे शहर के ही एक इलाके में घूम रहे थे और उन्हें अंदाजा नहीं था कि घर पर कितना हंगामा मचा हुआ है। बच्चों के मिलने के बाद परिजनों ने राहत की सांस ली। घर में जो घबराहट और बेचैनी थी, वह खुशी में बदल गई।
पुलिस की अपील
पुलिस ने अभिभावकों से अपील की है कि बच्चों पर नजर रखें और उन्हें बिना बताए कहीं दूर जाने से मना करें। साथ ही बच्चों को यह भी समझाएं कि अगर वे कहीं जा रहे हैं तो घरवालों को जरूर जानकारी दें। फिलहाल, चारों बच्चे सुरक्षित हैं और परिवार के पास हैं। घटना ने एक बार फिर यह याद दिला दिया कि बच्चों की थोड़ी सी लापरवाही भी परिवार के लिए बड़ी चिंता बन सकती है।
