हेवी वाहन प्रशिक्षण और महिला चालकों पर फोकस, सीएम हेमंत ने DC-DTO को दिए सख्त निर्देश

रांची: राज्य में सड़क सुरक्षा, ड्राइविंग प्रशिक्षण और लाइसेंस वितरण व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को प्रोजेक्ट भवन में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों को कई अहम निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पलामू, सरायकेला-खरसावां और धनबाद के उपायुक्तों (DC) से सीधे संवाद कर ड्राइविंग लाइसेंस वितरण, महिला सहभागिता और हेवी व्हीकल प्रशिक्षण की समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि ड्राइविंग लाइसेंस वितरण में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाई जाए और भारी वाहनों के चालकों के प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने संबंधित जिलों में प्रशिक्षण सुविधाओं की उपलब्धता और लाइसेंस वितरण की स्थिति की भी जानकारी ली।
पलामू में महिलाओं की कम भागीदारी पर जताई नाराजगी
पलामू के उपायुक्त ने बताया कि जिले में अब तक करीब 1200 ड्राइविंग लाइसेंस जारी किए गए हैं, जिनमें 30 से 40 प्रतिशत महिलाओं को लाइसेंस मिला है। इस पर मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में महिलाओं की कम उपस्थिति पर नाराजगी जताई और कहा कि उन्हें भी कार्यक्रम में शामिल किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने हेवी व्हीकल लाइसेंस की संख्या और प्रशिक्षण केंद्रों की जानकारी भी मांगी। जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) प्रमोद कुमार ने बताया कि जिले में तीन प्रशिक्षण केंद्र संचालित हैं, लेकिन फिलहाल हेवी व्हीकल लाइसेंस के लिए आवेदन बहुत कम आ रहे हैं।
सरायकेला में प्रशिक्षण केंद्र नहीं, सीएम ने जताई चिंता
सरायकेला-खरसावां के उपायुक्त ने बताया कि जिले में अधिकृत ड्राइविंग प्रशिक्षण संस्थान नहीं है, जिसके कारण लोगों को जमशेदपुर जाकर प्रशिक्षण और लाइसेंस की प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती है। मुख्यमंत्री ने औद्योगिक क्षेत्र गम्हरिया का उल्लेख करते हुए कहा कि जहां भारी वाहनों का संचालन अधिक होता है, वहां प्रशिक्षण सुविधाएं विकसित करना जरूरी है।
धनबाद में महिला चालकों से किया संवाद

धनबाद के उपायुक्त से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने जिले में जारी लाइसेंस और महिला लाभार्थियों की संख्या की जानकारी ली। कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्हें टू-व्हीलर और फोर-व्हीलर ड्राइविंग लाइसेंस बिना किसी परेशानी के प्राप्त हुए हैं।
जमशेदपुर में बनेगा अत्याधुनिक ड्राइविंग इंस्टीट्यूट
परिवहन सचिव राजीव रंजन ने बताया कि जमशेदपुर में 11.88 एकड़ भूमि पर अत्याधुनिक ड्राइविंग प्रशिक्षण संस्थान स्थापित किया जाएगा। इस परियोजना पर 22.30 करोड़ रुपये खर्च होंगे। संस्थान में स्मार्ट क्लासरूम, विभिन्न प्रकार के ड्राइविंग ट्रैक, एक्सीडेंट रिस्पॉन्स ट्रेनिंग, रात्रिकालीन प्रशिक्षण सुविधा के साथ 50 बेड का बालक छात्रावास और 25 बेड का बालिका छात्रावास भी बनाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि राज्य की 242 पंचायतों में विशेष शिविर लगाकर अब तक 17,678 ड्राइविंग लाइसेंस जारी किए जा चुके हैं। मंगलवार को ही 5,806 ड्राइविंग लाइसेंस और 4,200 लर्निंग लाइसेंस वितरित किए गए। साथ ही चालकों की सुविधा के लिए एक समर्पित स्टेट पोर्टल भी विकसित किया जा रहा है।
सड़क सुरक्षा पर टाटा मोटर्स और परिवहन मंत्री का जोर

टाटा मोटर्स के प्लांट हेड अनुराग आचार्य ने कहा कि आधुनिक वाहनों में सुरक्षा संबंधी कई नई तकनीकें जोड़ी गई हैं। ऐसे में चालकों को इन तकनीकों का बेहतर प्रशिक्षण देना आवश्यक है, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके।
परिवहन मंत्री दीपक बिरूआ ने कहा कि आधुनिक ड्राइविंग प्रशिक्षण संस्थान युवाओं को बेहतर कौशल प्रदान करेगा और प्रशिक्षित चालक ही सुरक्षित एवं अनुशासित यातायात व्यवस्था की नींव रखेंगे। उन्होंने कहा कि 18 से 35 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या चिंताजनक है, जिसे गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण के माध्यम से कम किया जा सकता है।
