झारखंड

शिक्षण संस्थान इमारत से नहीं, शिक्षक और छात्रों से बनते हैं : अजय कुमार सिंह

पासवा के शिक्षक सम्मान समारोह में करीब ढाई हजार शिक्षक सम्मानित

रांची, संवाददाता। रांची विश्वविद्यालय के आर्यभट्ट सभागार में रविवार को पब्लिक स्कूल एंड चिल्ड्रेन एसोसिएशन (पासवा) की ओर से शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। समारोह में शिक्षा, तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और रोजगार जैसे विषयों पर चर्चा हुई। इस दौरान करीब ढाई हजार शिक्षकों को सम्मानित किया गया।

मुख्य अतिथि स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने कहा कि शिक्षक केवल छात्रों को पढ़ाते ही नहीं हैं, बल्कि उनके भविष्य का निर्माण करते हुए उन्हें देश का अच्छा नागरिक भी बनाते हैं। कोई भी शिक्षण संस्थान केवल ईंट-पत्थर की इमारत से नहीं, बल्कि वहां के शिक्षक और छात्रों से बनता है।

उन्होंने कहा कि गुरु-शिष्य की परंपरा सदियों पुरानी है और समाज को दिशा देने में शिक्षकों का हमेशा महत्वपूर्ण योगदान रहा है। झारखंड में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। गांवों में अभी कई चुनौतियां हैं, लेकिन मुख्यमंत्री स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के माध्यम से बेहतर शिक्षा पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

शिक्षकों और छात्रों को नई तकनीक अपनानी होगी

अजय कुमार सिंह ने कहा कि बदलते समय के साथ शिक्षकों और छात्रों को नई तकनीक अपनानी होगी। दूरदराज के विद्यार्थियों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने के लिए अच्छे शिक्षकों के व्याख्यान ऑनलाइन उपलब्ध कराए जा सकते हैं। उन्होंने एआई के इस्तेमाल पर जोर देते हुए कहा कि यह एक उपयोगी साधन है, लेकिन शिक्षक की जगह नहीं ले सकता।

उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी की समस्याओं को समझना जरूरी है। शिक्षक छात्रों से लगातार संवाद बनाए रखें, ताकि वे गलत दिशा में जाने से बच सकें। शिक्षा को उद्योग और रोजगार से जोड़ने की भी आवश्यकता है, जिससे छात्र केवल नौकरी तलाशने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले बन सकें।

शिक्षक कुम्हार की तरह छात्रों का भविष्य गढ़ते हैं

पासवा के मुख्य संरक्षक डॉ. रामेश्वर उरांव ने कहा कि शिक्षक कुम्हार की तरह होते हैं, जो छात्रों के भविष्य को आकार देते हैं। उन्होंने शिक्षकों की सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि पासवा अब शिक्षा के साथ-साथ छात्रों को स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के लिए भी अभियान चलाएगा।

डीजी रेल अनिल पालटा ने अपने स्कूली दिनों को याद करते हुए कहा कि शिक्षकों की डांट-फटकार भी छात्रों के बेहतर भविष्य के लिए होती है। उन्होंने युवाओं में बढ़ती बेरोजगारी पर चिंता जताते हुए कहा कि बड़ी संख्या में पढ़े-लिखे युवा नौकरी की तलाश में हैं। उन्होंने छात्रों से अपील की कि परीक्षा में कम अंक आने पर निराश न हों, क्योंकि सफलता के लिए कई नए क्षेत्र और अवसर मौजूद हैं।

समारोह में रांची विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. अजीत सिंह, रिम्स निदेशक डॉ. डीके सिंह समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *