रामगढ़ में चार वर्षो से नहीं बनी जर्जर सड़क, ग्रामीणों ने बंद किया मुख्य मार्ग
रामगढ़, 29 सितंबर । जिले में जर्जर सड़क लोगों की परेशानी का सबब बन गई है। रामगढ़ से अरगड्डा होते हुए गिद्दी जाने वाली सड़क पिछले चार वर्षो से काफी जर्जर हो गई है।
इतने वर्षों में भी सरकार और प्रशासन की नींद नहीं खुली तो ग्रामीणों ने मुख्य मार्ग ही बंद कर दिया। मंगलवार को तीन पंचायतों के लोग सड़क पर उतर आए और रामगढ़ गिरिडीह मुख्य मार्ग पर बैरियर लगा दिया। धरना पर बैठे पंचायत प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि जब तक जर्जर सड़क की मरम्मत नहीं होती है, उनका आंदोलन चलता रहेगा।
मांडू प्रखंड के बुमरी, बड़का चुंबा और मंझला चुंबा पंचायत के पंचायत प्रतिनिधि एवं ग्रामीणों ने जर्जर सड़कों के निर्माण की मांग को लेकर गिद्दी-नईसराय मार्ग के अरगडा बेगामोड़ पर अनिश्चितकालीन सड़क जाम कर दिया। ग्रामीणों ने सड़क के दोनों ओर बांस लगाकर आवागमन पूरी तरह बाधित कर दिया और झारखंड सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
सड़क जाम होने से मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। सड़क जाम में शामिल लोग अरगड्डा, बेंगा मोड़ से कंजगी यादव मोड़ तक सड़क निर्माण, गणेश होटल कंजगी से उप स्वास्थ्य केंद्र फुलसराय तक सड़क निर्माण और अरगडा कांटाघर से लुकइया तक सड़क निर्माण कराने की मांग कर रहे हैं।
पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने कहा कि उक्त सभी सड़कें लंबे समय से जर्जर हैं। सड़कों पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिससे आवागमन काफी मुश्किल हो गया है। ये सड़कें आसपास के दर्जनों गांवों के लोगों के लिए मुख्य आवागमन मार्ग हैं। दैनिक मजदूरों, विद्यार्थियों, मरीजों और हाट-बाजार जाने वाले ग्रामीणों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है।
जर्जर सड़क के कारण आए दिन दुर्घटनाएं भी हो रही हैं। ग्रामीणों ने कहा कि सड़क निर्माण की मांग को लेकर लंबे समय से झारखंड सरकार और प्रशासन से गुहार लगाई जा रही है, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिला है। इससे आक्रोशित होकर अनिश्चितकालीन सड़क जाम करने का निर्णय लिया गया है।
सड़क जाम करने वालों में मांडू विधायक निर्मल महतो उर्फ तिवारी महतो, रामगढ़ नगर परिषद उपाध्यक्ष रंधीर गुप्ता, बड़काचुंबा मुखिया राजेंद्र कुशवाहा उर्फ राजू महतो, बुमरी मुखिया करण बेदिया, पंसस महेंद्र दास, लालचंद बेदिया, मनोज महतो सहित बुमरी, कंजगी, पड़रिया, लुकइया, बड़का चुंबा, मंझला चुंबा, छोटका चुंबा, मनुवा, फुलसराय, बहेराटांड सहित कई गांवों के ग्रामीण शामिल थे।
