कोचिंग संस्थानों के फर्जी प्रचार पर रोक लगाने की मांग: अजय राय ने सरकार से कड़े कदम उठाने की अपील की
रांची: झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय राय ने राज्य में कोचिंग संस्थानों द्वारा किए जा रहे फर्जी प्रचार पर सख्त ऐतराज जताया है। उनका मानना है कि इन संस्थानों का उद्देश्य शिक्षा को एक व्यापार में बदलना है, जिससे छात्रों और अभिभावकों को गुमराह किया जा रहा है। सोमवार को प्रेस रिलीज जारी करते हुए अजय राय ने इस गंभीर मुद्दे पर सरकार से सख्त कदम उठाने की अपील की और कहा कि फर्जी संस्थानों को बंद करने के लिए तत्काल कार्रवाई की जाए।
राय ने कहा कि पिछले वर्ष पासवा ने गोल इंस्टीट्यूट और बायोम जैसी कोचिंग संस्थाओं के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए थे, लेकिन अब तक इस मामले में कोई ठोस जांच या निष्कर्ष सामने नहीं आए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह चुप्पी केवल शिक्षा क्षेत्र में ईमानदार प्रतिस्पर्धा को समाप्त करने के लिए की जा रही है, जिसके कारण छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ सकता है। राय के मुताबिक, इस मुद्दे पर ठोस कदम उठाए बिना शिक्षा प्रणाली में सुधार संभव नहीं है।
अजय राय ने सरकार से कई महत्वपूर्ण कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि कोचिंग संस्थानों के लिए एक सख्त नियमावली बननी चाहिए, जिससे संस्थाओं की फैकल्टी, फीस और परिणाम की जानकारी पारदर्शी तरीके से सार्वजनिक पोर्टल पर उपलब्ध कराई जा सके। इसके साथ ही उन्होंने फर्जीवाड़ा करने वाले संस्थानों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की और यह भी सुझाव दिया कि एक स्वतंत्र निगरानी प्राधिकरण गठित किया जाए, जो इन संस्थानों की सलाना समीक्षा कर सके।
राय ने यह भी स्पष्ट किया कि झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन अभिभावकों की आवाज बनकर राज्य में एक पारदर्शी और उत्तरदायी शिक्षा प्रणाली की स्थापना के लिए निरंतर संघर्ष करेगा। उनका मानना है कि यह कदम शिक्षा क्षेत्र में गुणवत्ता और पारदर्शिता को सुनिश्चित करने के लिए बेहद जरूरी है, ताकि छात्र किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी का शिकार न हों।
अजय राय का कहना है कि इस मुद्दे पर ध्यान न दिया गया तो आने वाले समय में कोचिंग संस्थानों की घटिया कार्यप्रणाली के कारण छात्रों का भविष्य और शिक्षा प्रणाली दोनों ही दांव पर लग सकते हैं।
