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Darsh Amavasya 2025 : दर्श अमावस्या कब है, इस खास तिथि पर इन चीजों के दान से धन-दौलत में होगी वृद्धि, पितरों का मिलेगा आशीर्वाद

Darsh Amavasya 2025 : मार्गशीर्ष माह की अमावस्या को बहुत खास माना गया क्योंकि, यह महीना विष्णुजी को बेहद प्रिय है। ऐसे में इस दिन विधि-विधान पूजा करने से पुण्य फल की प्राप्ति होती है। वहीं, अमावस्या तिथि पर दान करने का भी खास महत्व होता है। इससे जीवन के दुखों से मुक्ति मिल सकती है और धन-दौलत में वृद्धि होती है।

मार्गशीर्ष मास में पड़ने वाली दर्श अमावस्या को बेहद खास माना जाता है है। यह माह भगवान विष्णु को बेहद प्रिय है और यही कारण है कि इस दौरान पड़ने वाली अमावस्या का खास महत्व होता है। इस दिन विधि-विधान से पूजा करने से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त हो सकती है और जातक को पुण्य फल प्राप्त होता है। वहीं, अगर आप दर्श अमावस्या पर कुछ चीजों का दान करें तो इससे आर्थिक तंगी से राहत मिल सकती है और धन-दौलत में वृद्धि होने लगती है। ऐसे में आइए विस्तार से जानें दर्श अमावस्या की तारीख और इस दिन दान करने वाली वस्तुएं…

दर्श अमावस्या 2025 कब है?
मार्गशीर्ष माह की अमावस्या तिथि 20 नवंबर, गुरुवार को दोपहर में 12 बजकर 17 मिनट तक रहेगी। शास्त्रों के अनुसार, उदय तिथि के दिन ही स्नान, दान और पुण्य के कार्य करने का विधान है। ऐसे में कल यानी 20 तारीख को दर्श अमावस्या के लिए स्नान, दान और पुण्य के कार्य करना उत्तम रहेगा।

दर्श अमावस्या 2025 के दान
काले तिल और उड़द की दाल का करें दान
मार्गशीर्ष में पड़ने वाली दर्श अमावस्या के दिन आप किसी जरूरतमंद या गरीब व्यक्ति को काले तिल व उड़द की दाल का दान कर सकते हैं। इससे जातक के जीवन में सुख-समृद्धि आती है और शनि के अशुभ प्रभावों से भी राहत मिल सकती है। इस दिन इन दो चीजों का दान करने से जातक को कार्यों में आ रही बाधाओं से छुटकारा मिल सकता है और कारोबार में तरक्की के रास्ते खुलने लगते हैं। अमावस्या तिथि पर दान करना बहुत पुण्य का कार्य होता है। इससे जातक को जीवन में सफलता मिल सकती है।

कंबल का करें दान
किसी गरीब या जरूरतमंद व्यक्ति को दर्श अमावस्या पर कंबल का दिन किया जा सकता है। इससे बेहद शुभ फल की प्राप्ति होती है और जातक को जीवन में आ रही समस्याओं और बाधाओं से भी राहत मिल सकती है। अगर आप पैसों की तंगी का सामना कर रहे हैं, तो अमावस्या तिथि पर कंबल दान अवश्य करें। इससे घर की आर्थिक स्थिति में सुधार आता है और जातक के धन-दौलत में वृद्धि होने लगती है। साथ ही, जीवन में सकारात्मकता और खुशियां दस्तक देने लगती हैं।

पितरों के लिए जरूर करें दीपदान
अमावस्या तिथि के दिन पितरों के लिए दीपदान जरूर करना चाहिए। इसके लिए शाम के वक्त दक्षिण दिशा की ओर एक तिल के तेल से भरा दीपक जरूर जलाकर रखें। दक्षिण दिशा को पितरों की दिशा माना गया है। ऐसे में इस स्थान पर दीपक जलाने से पितर प्रसन्न होते हैं और उनकी विशेष कृपा परिवार के सदस्यों पर बनी रह सकती है। साथ ही, दीपदान करने से जातक को अपने कार्यों में सफलता प्राप्त होती है और मनोकामनाएं भी पूरी हो सकती हैं।

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