रांची

सरकार, समिति, सीआईडी और एसआईटी की जांचों के बीच कोषागार घोटाले को दबाने की साज़िश : प्रतुल शाहदेव

रांची, 28 अप्रैल (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने झारखंड में सामने आ रहे कथित ट्रेजरी घोटाले को लेकर राज्य सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस गंभीर मामले पर पर्दा डालने की कोशिश कर रही है और असली घोटालेबाजों को बचाने के लिए जांच को जानबूझकर लंबा खींचा जा रहा है।

मंगलवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में प्रतुल शाहदेव ने कहा कि वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर को सार्वजनिक रूप से यह स्पष्ट करना चाहिए कि राज्य के खजाने से गायब बताए जा रहे 10,000 करोड़ रुपये आखिर कहां गए। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह राशि सीधे तौर पर ट्रेजरी घोटाले से जुड़ी हुई है।

शाहदेव ने कहा कि मीडिया द्वारा लगातार इस मामले का खुलासा किए जाने के बावजूद सरकार की ओर से कोई ठोस और पारदर्शी पहल नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल “समिति पर समिति” और “एसआईटी पर एसआईटी” बनाकर मामले को दबाने और वास्तविक दोषियों को बचाने का प्रयास कर रही है।

उन्होंने बताया कि वित्त विभाग के उप सचिव ज्योति झा के नेतृत्व में बनी प्रारंभिक समिति ने बोकारो जाकर कई गंभीर अनियमितताओं का खुलासा किया था। इस जांच में सामने आया कि बोकारो में पुलिस अधीक्षक (एसपी) के नाम पर 16 करोड़ रुपये की निकासी की गई।

भाजपा प्रवक्ता का आरोप है कि सरकार ने इस रिपोर्ट को दबाने का प्रयास किया और सच्चाई सामने न आए, इसके लिए 17 अप्रैल को उत्पाद सचिव के नेतृत्व में दूसरी समिति गठित कर मामले को लटकाने की कोशिश की गई।

प्रतुल शाहदेव ने कहा कि वित्त विभाग की पुरानी समिति को पूरी तरह इस नई एसआईटी में विलय कर दिया गया, ताकि वह अलग से अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत न कर सके। उन्होंने इसे सच्चाई छिपाने की सुनियोजित रणनीति बताया। उन्होंने बोकारो के एसपी को अचानक हटाए जाने और सीआईडी जांच में देरी को भी संदेहास्पद बताया।

शाहदेव ने कहा कि एक सप्ताह तक सीआईडी ने जांच शुरू नहीं की और जब मामला मीडिया में प्रमुखता से उठा, तब कार्रवाई का दिखावा किया गया। उन्होंने कहा कि स्थिति तब और गंभीर हो गई जब सीआईडी ने झारखंड पुलिस के आईजी (मानवाधिकार) की अध्यक्षता में एसआईटी गठित कर दी। इससे जांच सीआईडी के स्वतंत्र दायरे से निकलकर पुलिस विभाग के अधीन चली गई।

भाजपा प्रवक्ता ने सवाल उठाया कि जब पुलिस के एक आईजी जांच का नेतृत्व करेंगे, तो उनके अधीन काम करने वाले सीआईडी के कनिष्ठ अधिकारी कितनी स्वतंत्रता से जांच कर पाएंगे।

शाहदेव ने यह भी कहा कि एसआईटी जांच के लिए कोई समय सीमा निर्धारित नहीं की गई है, जिससे यह आशंका और मजबूत होती है कि सरकार पूरे मामले को ठंडे बस्ते में डालना चाहती है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि केवल सिपाही, होमगार्ड जवान और लेखापाल ही नहीं, बल्कि इस घोटाले में शामिल “बड़ी मछलियों” पर भी कार्रवाई हो।

भाजपा प्रवक्ता ने स्पष्ट कहा कि यह मामला अत्यंत गंभीर है और इसकी निष्पक्ष जांच केवल केंद्रीय एजेंसियां ही कर सकती हैं। उन्होंने मांग की कि पूरे ट्रेजरी घोटाले की जांच तत्काल केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को सौंपी जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो।

प्रेस वार्ता में भाजपा के प्रदेश सह मीडिया प्रभारी अशोक बड़ाइक भी मौजूद रहे। 

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