पेपर लीक मामले को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन, राहुल-प्रियंका सहित कई नेता पीएम आवास के पास धरने पर बैठे
नई दिल्ली : पेपर लीक मामले को लेकर कांग्रेस ने मंगलवार को प्रधानमंत्री आवास के निकट विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए नारेबाजी कर रहे थे।

प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर तैनात रहा। इस दौरान पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी सहित कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया।
बताया गया कि कांग्रेस का यह प्रदर्शन गोपनीय रखा गया था। राहुल गांधी और अन्य नेताओं के प्रधानमंत्री आवास से करीब 100 मीटर की दूरी तक पहुंचने के बाद ही मीडिया को इसकी जानकारी दी गई।

इधर, जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का प्रदर्शन भी जारी है, जहां बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी मौजूद हैं। सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि उनकी पार्टी ने संसद मार्च नहीं निकालने का फैसला इसलिए किया क्योंकि सरकार और पुलिस पर छात्रों के साथ कठोर कार्रवाई करने का आरोप है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी छात्रों के मुद्दों को लेकर संघर्ष जारी रखेगी।
इस बीच सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का अनशन मंगलवार को 24वें दिन भी जारी रहा। उन्होंने कहा कि हाल की घटनाओं के बावजूद वह अपना अनशन जारी रखेंगे।
वहीं, एनडीए संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पेपर लीक जैसे मामलों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
राहुल गांधी ने कहा कि पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के साथ-साथ प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से इस्तीफा देने तथा छात्रों से माफी मांगने की मांग की।
उधर, दिल्ली हाईकोर्ट ने सोनम वांगचुक को उपचार के लिए मेदांता अस्पताल स्थानांतरित करने का निर्देश दिया है। अदालत ने अस्पताल को उनके उपचार के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों का पैनल गठित करने का आदेश दिया। यह निर्देश उनकी पत्नी गीतांजलि अंगमो की याचिका पर दिया गया।
