जलवायु परिवर्तन से निपटने में सामुदायिक भागीदारी सबसे बड़ी ताकत : कल्पना सोरेन

रांची, 22 जुलाई। राजधानी रांची स्थित ऐतिहासिक ऑड्रे हाउस में आयोजित ‘जलवायु अखड़ा 2026 – रेजिलिएंट झारखंड समिट’ में गांडेय विधायक कल्पना सोरेन ने भाग लिया। सम्मेलन में जलवायु परिवर्तन, न्यायसंगत विकास, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और सतत आजीविका जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर नीति निर्माताओं, विशेषज्ञों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत चर्चा हुई।
समिट को संबोधित करते हुए कल्पना सोरेन ने कहा कि झारखंड की समृद्ध प्राकृतिक धरोहर, आदिवासी परंपराएं और सदियों पुराना सामुदायिक ज्ञान राज्य की सबसे बड़ी ताकत हैं। उन्होंने कहा कि विकास तभी सार्थक होगा, जब वह पर्यावरण संरक्षण के साथ समाज के अंतिम व्यक्ति तक समान अवसर, सम्मान और संसाधनों की पहुंच सुनिश्चित करे।
उन्होंने समुदाय आधारित समाधानों को अपनाने और पर्यावरण-अनुकूल नीतियों को प्राथमिकता देने पर जोर देते हुए कहा कि जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौती से निपटने के लिए स्थानीय ज्ञान और जनभागीदारी को मजबूत करना आवश्यक है।
सम्मेलन में विशेषज्ञों ने झारखंड को जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों से सुरक्षित रखने, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और पर्यावरण संतुलन के साथ समावेशी एवं सतत विकास सुनिश्चित करने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में जलवायु अनुकूल विकास मॉडल और सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देने पर भी विशेष बल दिया गया।
